Vijaya Ekadashi Vrat 2026: फाल्गुन महीने की विजया एकादशी इस बार शुक्रवार को पड़ रही है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और पापों का नाश होता है. इसलिए इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.
विजया एकादशी शुभ मुहूर्त
विजया एकादशी: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार
- विजया एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026 को सुबह 11:33 बजे
- विजया एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026 को दोपहर 01:30 बजे
- पूजा का शुभ समय: 13 फरवरी 2026 को सुबह 06:26 बजे से 09:15 बजे तक
- पारण का शुभ समय: 14 फरवरी 2026 को सुबह 07:50 बजे से 09:15 बजे तक
विजया एकादशी की पूजा विधि
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. मन को शांत रखें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान या मंदिर में जाकर भगवान विष्णु की पूजा करें.
- भगवान विष्णु को पीले रंग की चीजें अर्पित करना शुभ माना जाता है. पूजा में पीले फूल, पीला वस्त्र, पीला चंदन और पीले फल चढ़ाएं. फिर धूप और दीप जलाकर विजया एकादशी की कथा पढ़ें या सुनें.
- कथा के बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. अंत में भगवान विष्णु की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
- व्रत का पारण अगले दिन विधि-विधान से करें. पारण समय का ध्यान रखना आवश्यक है, तभी व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है.
विजया एकादशी के लाभ
- विजया एकादशी हर साल महाशिवरात्रि से दो दिन पहले आती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है.
- यह व्रत व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा देता है और जीवन के हर क्षेत्र में विजय दिलाने वाला माना गया है. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह व्रत सुख, शांति और समृद्धि लाता है.
यह भी पढ़ें : Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी पर किन चीजों का दान करना होता है शुभ?
