Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर का हर एक हिस्सा ऊर्जा को प्रभावित करता है, चाहे वह किचन हो, हॉल हो या फिर शौचालय. जी हां, शौचालय यानी बाथरूम भी घर की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है. यह घर के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है, क्योंकि यहीं हम अपने शरीर को साफ करते हैं. स्वच्छता बनाए रखने में बाथरूम की अहम भूमिका होती है. इसलिए जरूरी है कि इसे बनाते समय और इस्तेमाल करते समय कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियमों का पालन किया जाए.
वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम की दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम को हमेशा घर के उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में बनवाना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है.
बाथरूम की सफाई
बाथरूम को हमेशा साफ रखें. गंदा बाथरूम नकारात्मकता को आकर्षित करता है, जिससे आर्थिक संकट आ सकता है. हफ्ते में एक बार पानी में नमक डालकर बाथरूम के फर्श को जरूर धोएं.
यदि आपके घर में वेस्टर्न टॉयलेट है, तो उसकी नियमित रूप से रोजाना सफाई करें. इस्तेमाल करने के बाद टॉयलेट का ढक्कन बंद रखें. इसके अलावा, बाथरूम का दरवाजा इस्तेमाल के बाद हमेशा बंद कर दें.
बाथरूम में किन-किन चीजों को रखना चाहिए?
बाथरूम एक ऐसी जगह है जहां हम अपने शरीर को साफ करते हैं, इसलिए इस स्थान का खुद साफ होना बेहद जरूरी है. इसलिए बाथरूम में फ्लोर क्लीनर, डिटर्जेंट और बाथरूम साफ करने का ब्रश रखना जरूरी होता है. इसके साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए साबुन, शैंपू और अन्य जरूरी चीजें भी आवश्यकता अनुसार रखी जा सकती हैं.
बाथरूम में क्या रखना अशुभ माना जाता है?
वास्तु के अनुसार बाथरूम में कभी भी टूटी हुई बाल्टी या मग नहीं रखना चाहिए. यदि आप कपड़े बाथरूम में धोते हैं, तो नहाने के बाद उन्हें बाहर निकालकर सुखा लें. लंबे समय तक बाथरूम में गीले कपड़े छोड़कर न रखें.
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