Varuthini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, और वरुथिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी तिथि के रूप में जाना जाता है. यह व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आता है और सौभाग्य, समृद्धि तथा पापों से मुक्ति देने वाला माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को कठोर तपस्या के समान फल प्राप्त होता है.
वरुथिनी एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त
, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 अप्रैल की रात 9 बजकर 19 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में ये व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा.
इस दिन विशेष शुभ योग भी बन रहे हैं. शुभ योग प्रातःकाल से शाम 5:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शुक्ल योग प्रारंभ होगा. साथ ही, धनिष्ठा नक्षत्र सुबह से शाम 4:03 बजे तक रहेगा और इसके पश्चात शतभिषा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा.
वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
वरुथिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से साधक को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि यह व्रत पापों का नाश करता है और व्यक्ति को मोक्ष की ओर अग्रसर करता है.
भगवान विष्णु की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि, धन-वैभव तथा सौभाग्य में वृद्धि होती है. इसके साथ ही, यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है.
