Vikat Sankashti Chaturthi 2026: वैशाख माह की विकट संकष्टी चतुर्थी यानी सकट चौथ 5 अप्रैल 2026, रविवार को मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है, जो भगवान गणेश को समर्पित होती है. वैशाख मास की संकष्टी चतुर्थी को ‘विकट संकष्टी चतुर्थी’ कहा जाता है. इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, इसलिए इस दिन उनका पूजन विशेष फलदायी माना गया है.
क्यों खास है विकट संकष्टी चतुर्थी?
वैशाख माह में आने वाली यह चतुर्थी अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और गणपति जी की आराधना करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यह व्रत खासतौर पर संकटों से मुक्ति और जीवन में सफलता के लिए किया जाता है.
करें इन मंत्रों का जाप
इस पावन दिन पर भगवान गणेश के इन मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है—
ॐ गं गणपतये नमः
यह सबसे प्रभावशाली गणेश मंत्र है, जो सभी बाधाओं को दूर करता है.
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
इस मंत्र का जाप करने से हर कार्य में सफलता मिलती है.
ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि।
तन्नो दंति प्रचोदयात्॥
यह गणेश गायत्री मंत्र बुद्धि और विवेक प्रदान करता है.
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विकट संकष्टी चतुर्थी पर कैसे करें पूजा?
इस दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें. भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करें। चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करें. पूजा के दौरान मंत्र जाप और गणेश जी की आरती करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
