Vaishakh Purnima 2026: वैशाख मास की पूर्णिमा को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है. वर्ष 2026 में वैशाख पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, स्नान और दान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और आरती करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है.
विष्णु भगवान की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे.
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का.
स्वामी! दुःख विनसे मन का.
सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी.
स्वामी! शरण गहूँ मैं किसकी.
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी.
स्वामी! तुम अन्तर्यामी.
परब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता.
स्वामी! तुम पालनकर्ता.
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति.
स्वामी! सबके प्राणपति.
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
दीनबंधु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे.
स्वामी! तुम ठाकुर मेरे.
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा.
स्वामी! पाप हरो देवा.
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतों की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
श्री जगदीश जी की आरती, जो कोई नर गावे.
स्वामी! जो कोई नर गावे.
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
॥ इति श्री विष्णु आरती समाप्त ॥
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