सूर्य ग्रहण पर करें ये काम, बरतें ये सावधानियां, वरना आ सकती है मुसीबत

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से नकरात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका बुरा प्रबाव स्वास्थ पर पड़ने की आंशका होती है. आइए जानते है इस समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं? ताकी इसके नकरात्कम प्रभाव को कम किया जा सकें.

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है. यह तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य की रोशनी धरती तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती. धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय सूर्य से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है. इससे वातावरण अशुद्ध हो जाता है और स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है. ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव आप पर न पड़े, इसलिए इस दिन कुछ विशेष सावधानियां बरतना जरूरी माना जाता है.

सूर्य ग्रहण के दिन क्या न करें

नग्न आंखों से न देखें: सूर्य ग्रहण को सीधे अपनी आंखों से कभी न देखें. इससे आंखों की रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. साधारण धूप का चश्मा भी इसके लिए पर्याप्त नहीं होता. इसे देखने के लिए विशेष सोलर फिल्टर वाला चश्मा पहनें.

भोजन करने से बचें: ग्रहण के दौरान भोजन करना वर्जित माना जाता है. मान्यता है कि इस समय हानिकारक किरणें भोजन को दूषित कर सकती हैं. इस दौरान भोजन करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.

नया काम शुरू न करें: किसी भी नए व्यवसाय, मांगलिक कार्य या महत्वपूर्ण सौदे की शुरुआत ग्रहण काल में करने से बचना चाहिए. कहा जाता है कि इस समय लिया गया आर्थिक फैसला नुकसानदेह हो सकता है.

नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें: ग्रहण के दौरान कैंची, सुई, चाकू जैसी नुकीली चीजों का उपयोग अशुभ माना जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए.

सोने से बचें: बीमार, वृद्ध और बच्चों को छोड़कर सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों को ग्रहण के समय सोने से बचना चाहिए.

ग्रहण के समय क्या करें?

सुरक्षित उपकरणों का प्रयोग करें: यदि आप ग्रहण देखना चाहते हैं, तो केवल प्रमाणित ISO-रेटेड सोलर फिल्टर या ग्रहण चश्मे का ही इस्तेमाल करें.

तुलसी के पत्तों का प्रयोग करें: ग्रहण शुरू होने से पहले पीने के पानी और पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें. माना जाता है कि तुलसी में शुद्धिकरण के गुण होते हैं, जो भोजन को दूषित होने से बचाते हैं.

मंत्र जाप और ध्यान करें: ग्रहण काल को आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. इस समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप मानसिक शांति और सकारात्मकता देता है.

दान-पुण्य करें: ग्रहण समाप्त होने के बाद गरीबों को अनाज, कपड़े या धन का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

स्नान और शुद्धि करें: ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर की साफ-सफाई करें और स्वयं भी स्नान करें. देवी-देवताओं की मूर्तियों पर गंगाजल छिड़ककर उन्हें शुद्ध करें.

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लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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