आखिर पीपल के पेड़ से क्यों जुड़ा है शनि देव का नाम? पौराणिक कथाओं में छुपा है रहस्य

पीपल के पेड़ को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है. शनिवार को इसकी पूजा करने की खास परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि पीपल की पूजा से शनि देव प्रसन्न होते हैं और शनि दोष से राहत मिलती है. जानें शनि देव और पीपल के पेड़ से जुड़ी पौराणिक कथाएं.

Peepal Tree: हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र और पूजनीय माना जाता है. श्रद्धालु पीपल के पेड़ की पूजा कर जल अर्पित करते हैं और दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. पीपल के पेड़ की पूजा किसी भी दिन की जा सकती है, लेकिन शनिवार को इसकी पूजा का खास महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव की कृपा मिलती है और शनि से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं. आइए पौराणिक कथाओं के माध्यम से समझते हैं कि शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा का इतना महत्व क्यों है. 

शनि देव और पीपल से जुड़ी पौराणिक कथाएं

कैटभ दैत्य के वध की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, कैटभ नाम का एक असुर पीपल के पेड़ का रूप धारण करके यज्ञ करने वाले ब्राह्मणों को परेशान करता था. वह उन्हें अपना शिकार बना लेता था. तब ऋषियों की रक्षा के लिए शनि देव ने ब्राह्मण का रूप धारण किया. कहा जाता है कि जब कैटभ ने शनि देव को भी निगल लिया, तो शनि देव ने उसके पेट को चीरकर उसका वध कर दिया. इससे ऋषि बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने शनि देव की जय-जयकार की. मान्यता है कि इसके बाद शनि देव ने वरदान दिया कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल के पेड़ का स्पर्श करेगा, उसमें जल अर्पित करेगा या उसकी पूजा करेगा, उसे शनि की पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ेगा.

ऋषि पिप्पलाद की कथा

पीपल और शनि देव से जुड़ी एक अन्य कथा ऋषि पिप्पलाद से संबंधित है. मान्यता के अनुसार, अकाल के समय माता-पिता से बिछड़े एक बालक ने पीपल के पत्ते खाकर तपस्या की. इसी वजह से उनका नाम पिप्पलाद पड़ा. बाद में उन्हें पता चला कि उनके जीवन में आई परेशानियों का कारण शनि का प्रभाव है. इसके बाद उन्होंने कठोर तपस्या की. कहा जाता है कि अपने तपोबल से पिप्पलाद मुनि ने शनि देव को परास्त कर दिया था.

बाद में ब्रह्मा जी के कहने पर पिप्पलाद मुनि ने शनि देव को क्षमा कर दिया. धार्मिक मान्यता है कि तभी से शनिवार को पिप्पलाद मुनि का ध्यान करके पीपल और शनि देव की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है. ऐसा करने से शनि दोष से राहत मिलने की मान्यता है.

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शनिवार को पीपल की पूजा कैसे करें?

  • सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
  • पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें.
  • इसके बाद पीपल के पेड़ की पूजा करें.
  • सूर्यास्त के बाद पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • दीपक में काले तिल डाल सकते हैं.
  • शनि देव का ध्यान करते हुए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें.
  • इसके बाद पीपल के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें.

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By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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