Shani Jayanti 2026: साल 2026 की शनि जयंती ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है. इस बार ज्येष्ठ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है, जिससे शनैश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह संयोग दशकों में एक बार देखने को मिलता है और इसे अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकती है.
कब है शनि जयंती
इस वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 05:11 बजे से शुरू होकर 17 मई को रात 01:30 बजे तक रहेगी. चूंकि व्रत और त्योहार उदयातिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, इसलिए शनि जयंती या शनि जन्मोत्सव 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा.
ग्रहों की स्थिति और विशेष संयोग
इस बार सूर्य, शनि और चंद्रमा की स्थिति बेहद प्रभावशाली रहने वाली है. सूर्य और शनि का संतुलन जीवन में कर्म और फल के बीच सामंजस्य स्थापित करेगा. वहीं, चंद्रमा का राशि परिवर्तन मानसिक स्पष्टता और नए अवसरों के द्वार खोलेगा. यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और कर्म सुधार के लिए भी श्रेष्ठ माना जा रहा है.
शश और गजकेसरी योग का प्रभाव
शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. यह योग व्यक्ति को करियर में स्थिरता, नेतृत्व क्षमता और दीर्घकालिक सफलता प्रदान करता है. वहीं, गुरु और चंद्रमा की युति से बनने वाला गजकेसरी योग मान-सम्मान, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है. इसके अलावा, सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग तथा अमला योग भी बन रहे हैं, जो बुद्धि, व्यापार और निर्णय क्षमता को मजबूत करते हैं.
वृषभ राशि के लिए शुभ संकेत
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह संयोग आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रहेगा. नए आय स्रोत बन सकते हैं और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी. प्रमोशन या वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं. निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा.
मिथुन राशि को मिलेगा भाग्य का साथ
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय भाग्यवर्धक साबित होगा. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नई योजनाओं में सफलता मिलेगी. करियर और व्यापार दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
शनि जयंती 2026 पर बन रहा यह दुर्लभ महासंयोग जीवन में नई दिशा और अवसर लेकर आ सकता है. सही कर्म और सकारात्मक सोच के साथ इस दिन का लाभ उठाना अत्यंत शुभ रहेगा.
ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित पूर्णेंदु पाठक
15 साल का अनुभव
