Sawan 2026: भगवान शिव की आराधना को समर्पित सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. इस पावन अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची शिवभक्ति के रंग में रंग चुकी है. बाबा भोलेनाथ के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. वहीं, श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर समितियों और जिला प्रशासन ने मिलकर कई विशेष और आधुनिक व्यवस्थाएं की हैं. यदि आप भी इस सावन रांची के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक करने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए इस बार क्या कुछ खास रहेगा.
पहाड़ी मंदिर में सावन पर खास इंतजाम
- नया मार्ग और मरम्मत: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहाड़ी मंदिर की सीढ़ियों की मरम्मत कराई गई है. साथ ही पेवर ब्लॉक का नया रास्ता भी तैयार किया गया है.
- सुगम जलाभिषेक: भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए अरघा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था की गई है.
- अलग प्रवेश और निकास: महिलाओं और पुरुषों के लिए प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं.
- दर्शन का समय: सुबह 3:30 बजे सरकारी पूजा के बाद मंदिर के पट सुबह 4:00 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.
- नि:शुल्क सुविधा: पहाड़ी मंदिर और सुरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को समिति की ओर से दूध, जल और बेलपत्र नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.
सुरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष व्यवस्था
केतारी बगान स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर बने सुरेश्वर महादेव मंदिर, जहां राज्य का सबसे ऊंचा 108 फीट का शिवलिंग स्थापित है, वहां भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
- सोमवार को विशेष नियम: भीड़ को देखते हुए हर सोमवार को केवल अरघा के जरिए जलाभिषेक होगा, जबकि बाकी दिनों में भक्त सामान्य रूप से पूजा कर सकेंगे.
- ऐतिहासिक स्थल के दर्शन: मंदिर से लगभग 400 मीटर दूर स्थित नागवंशी राजाओं के प्राचीन 'इक्कीसों महादेव मंदिर' में भी विशेष पूजा और दर्शन की व्यवस्था रहेगी.
- प्रतिदिन विशेष श्रृंगार: पूरे सावन माह में भगवान शिव का प्रतिदिन भव्य श्रृंगार किया जाएगा और विशेष भोग अर्पित किया जाएगा.
स्वर्णरेखा घाट से शहर के शिवालयों तक खास तैयारियां
- स्वर्णरेखा घाट: कांवड़ियों और जल उठाने वाले भक्तों के लिए नगर निगम ने स्वर्णरेखा नदी तट की विशेष साफ-सफाई और भव्य सजावट की है.
- शहर के प्रमुख शिवालय: चुटिया महादेव मंडा, लालपुर शिवालय और कोकर शिव मंदिर को भी रोशनी से सजाया गया है. यहाँ हर सोमवार को विशेष अनुष्ठान और महाप्रसाद का वितरण होगा.
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ-साथ युवा और महिला स्वयंसेवकों की विशेष टीमें तैनात रहेंगी, जो प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक व्यवस्था संभालेंगी.
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