सावन 2026: शिवलिंग पर अभिषेक करते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, नहीं तो अधूरा रह सकता है पूजा का फल

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष समय होता है. इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय कुछ गलतियों से पूजा का फल प्रभावित हो सकता है. जानें वो 4 गलतियां जिनसे आपको बचना चाहिए.

Sawan 2026: 30 जुलाई, गुरुवार से सावन माह की शुरुआत हो चुकी है. भगवान शिव की भक्ति और आराधना के इस पावन महीने में श्रद्धालु शिवालयों में जाकर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन में शिवलिंग पर श्रद्धा से एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से भी भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं. हालांकि, जलाभिषेक करते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है. मान्यता है कि अनजाने में की गई छोटी-सी गलती भी पूजा के शुभ फल को प्रभावित कर सकती है. आइए जानते हैं कि सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

तांबे के लोटे में दूध भरकर न चढ़ाएं

जलाभिषेक के लिए तांबे का पात्र शुभ माना जाता है, लेकिन तांबे के बर्तन में दूध भरकर शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार तांबे के संपर्क में आने से दूध अर्पित करने योग्य नहीं रहता. इसलिए दूध चढ़ाने के लिए पीतल, चांदी या स्टील के पात्र का इस्तेमाल करें.

सही दिशा का रखें ध्यान

शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है. उत्तर दिशा को भगवान शिव का धाम कैलाश की दिशा माना जाता है. पूजा के दौरान पूर्व या आग्नेय (पूर्व-दक्षिण) दिशा की ओर मुख करने से बचें.

खड़े होकर या तेज धार से जल न चढ़ाएं

शिवलिंग पर जल हमेशा शांत मन और श्रद्धा के साथ चढ़ाएं. खड़े होकर या बहुत तेज धार से जल अर्पित करने के बजाय बैठकर या थोड़ा झुककर धीरे-धीरे जल चढ़ाएं. जलाभिषेक करते समय 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.

जल चढ़ाने का सही क्रम

अगर आप जल के साथ दूध या पंचामृत भी अर्पित कर रहे हैं, तो सबसे पहले शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं. इसके बाद दूध या पंचामृत अर्पित करें और अंत में फिर से शुद्ध जल चढ़ाकर अभिषेक पूर्ण करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार यही जलाभिषेक का सही क्रम माना जाता है.

यह भी पढ़ें: श्रावणी मेला 2026: देवघर के आसमान में ड्रोन शो ने बिखेरा शिवमय नजारा, पहले दिन 74,987 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >