Sarkari Naukri Yog in Kundli: जन्म-कुंण्डली में दशम स्थान को (दसवां स्थान) को तथा छठें भाव को जॉब के लिए जाना जाता है. किसी भी लड़का-लड़की के भाग्य में सरकारी नौकरी है या नहीं, इस योग को देखने के लिए दशम भाव और छठें भाव का आकलन किया जाता है. दशम स्थान में अगर सूर्य, मंगल या बृहस्पति की दृष्टि पड़ रही होती है, साथ ही उनका सम्बन्ध छठें भाव से हो तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बन जाता है. कभी-कभी यह भी देखने में आता है, कि जातक की कुंण्डली में दशम में तो यह ग्रह होते हैं, लेकिन फिर भी जातक को संघर्ष करना पड़ रहा होता है, तो ऐसे में अगर सूर्य, मंगल या बृहस्पति पर किसी पाप ग्रह (अशुभ ग्रह) की दृष्टि पड़ रही होती है, तब जातक को सरकारी नौकरी प्राप्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं गोरखपुर के आचार्य विनोद त्रिपाठी से करियर में सफलता पाने के योग के बारे में-
जन्म कुंण्डली में नौकरी के लिए प्रबल योग
जन्म कुंण्डली में यदि जातक का लग्न मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, वृष या तुला है तो ऐसे में शनि ग्रह और गुरु (बृहस्पति) का एक-दूसरे से केन्द्र या त्रिकोण में होना, सरकारी नौकरी के लिए अच्छा योग उत्पन्न करते हैं.
सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग
जन्म कुंण्डली में यदि केन्द्र में अगर चन्द्रमा, बृहस्पति एक साथ होते हैं, तो उस स्थिति में भी सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग बन जाते हैं. इसके साथ ही इसी तरह चन्द्रमा और मंगल भी अगर केन्द्रस्थ हैं, तो सरकारी नौकरी की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं.
करियर के क्षेत्र में बड़ी सफलता के योग
कुंण्डली में दसवें घर के बलवान होने से तथा इस घर पर एक या एक से अधिक शुभ ग्रहों का प्रभाव होने से जातक को अपने करियर क्षेत्र में बड़ी सफलताएं मिलतीं हैं, इस घर पर एक या एक से अधिक बुरे ग्रहों का प्रभाव होने से कुंण्डली धारक को आम तौर पर अपने करियर क्षेत्र में अधिक सफलता नहीं मिल पाती है.
सरकारी नौकरी के साथ पद प्रतिष्ठा के योग
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य तथा चन्द्र को राजा या प्रशासन से सम्बन्ध रखने वाले ग्रह के रूप में जाना जाता है. सूर्य या चन्द्र का लग्न, धन, चतुर्थ तथा कर्म से सम्बन्ध या इनके मालिक के साथ सम्बन्ध सरकारी नौकरी की स्थिति दर्शाता है. सूर्य का प्रभाव चन्द्र की अपेक्षा अधिक होता है.
जीवन में सबसे अधिक प्रभाव रहने वाला योग
लग्न पर बैठे किसी ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सबसे अधिक प्रभाव रखने वाला माना जाता है. लग्न पर यदि सूर्य या चन्द्र स्थित हो तो व्यक्ति शाषण से जुडता है, और अत्यधिक नाम कमाने वाला होता है.
नौकरी मिलने में परेशानी होने का कारण
चन्द्र का दशम भाव पर दृष्टी या दशमेश के साथ युति सरकारी क्षेत्र में सफलता दर्शाता है. चन्द्र चंचल तथा अस्थिर ग्रह है, जिस कारण जातक को नौकरी मिलने में थोड़ी परेशानी आती है. ऐसे जातक नौकरी मिलने के बाद स्थान परिवर्तन या बदलाव के दौर से बार बार परेशानी आता है.
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