Ram Navami 2026: राम नवमी का पावन त्योहार हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र श्रीराम के रूप में अवतार लिया था. इस दिन भक्त भगवान राम की कृपा प्राप्त करने के लिए घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है. कहा जाता है कि इस दिन की गई कुछ गलतियों से पूजा का फल नष्ट हो सकता है.
राम नवमी पर क्या करें?
- सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही गंगाजल मिले पानी से स्नान करें.
- घर के मंदिर में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की प्रतिमा (राम दरबार) स्थापित करें.
- इस दिन रामचरितमानस या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है. कहा जाता है कि इससे भक्तों के सारे कष्ट दूर होते हैं.
- चूंकि यह नवरात्रि का अंतिम दिन भी होता है, इसलिए छोटी कन्याओं को भोजन कराएं और उनका आशीर्वाद लें.
- भगवान राम को पीला रंग प्रिय है, इसलिए पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र और केसरिया मिठाई का भोग लगाएं.
राम नवमी पर क्या न करें?
- इस दिन भूलकर भी प्याज, लहसुन, मांस या मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें. घर में सात्विक वातावरण बनाए रखें.
- भगवान राम ‘मर्यादा’ के प्रतीक माने जाते हैं, इसलिए इस दिन किसी से झगड़ा न करें, अपशब्द न बोलें और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें.
- यदि आप इस दिन व्रत नहीं भी कर रहे हैं, तब भी केवल सात्विक भोजन का ही सेवन करें.
- शास्त्रों के अनुसार, शुभ तिथियों और विशेष व्रतों के दिन बाल, दाढ़ी या नाखून काटना वर्जित माना जाता है, इसलिए राम नवमी के दिन इन्हें न काटें.
- पूजा घर या स्वयं को अशुद्ध अवस्था में न रखें. फटे या गंदे कपड़े पहनकर पूजा न करें.
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