रामनवमी 2026: रांची का 250 साल पुराना महावीर मंदिर और महावीरी झंडा की परंपरा

Ram Navami 2026, Mahavir Temple Ranchi: रामनवमी 2026 उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को मनाई जाएगी. रांची के 250 साल पुराने महावीर मंदिर में इस दिन विशेष पूजा और महावीरी झंडा की परंपरा निभाई जाती है.

Ram Navami 2026, Mahavir Temple Ranchi: चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में रामनवमी मनाई जाती है. वर्ष 2026 में नवमी तिथि 26 मार्च सुबह 11:48 बजे से शुरू होकर 27 मार्च सुबह 10:06 बजे तक रहेगी. तिथि दोनों दिनों में पड़ने के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति है, लेकिन हिंदू परंपरा के अनुसार व्रत और त्योहार उदया तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं. इस दृष्टि से 27 मार्च 2026 को रामनवमी मनाना अधिक उचित माना गया है, क्योंकि उस दिन सूर्योदय के समय नवमी तिथि विद्यमान रहेगी.

250 साल पुराना महावीर मंदिर और रामनवमी की परंपरा

रांची के महावीर चौक, अपर बाजार स्थित श्री प्राचीन महावीर मंदिर का इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना है. इस मंदिर की स्थापना भागवत दयाल साहू के पिता हीरालाल साहू ने पंडित गुमान मिश्र की प्रेरणा से अपने घर में करवाई थी. प्रारंभ में यह मंदिर खपड़े का बना हुआ था, जिसे बाद में विकसित किया गया.

मंदिर में स्थापित हनुमानजी की मूर्ति ‘जिंदा पत्थर’ से निर्मित मानी जाती है, जो इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान करती है. यह मंदिर रांची का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा करने आते हैं.

रामनवमी और महावीरी झंडा की विशेष परंपरा

इस मंदिर की सबसे खास पहचान रामनवमी के अवसर पर निकलने वाला महावीरी झंडा है. बताया जाता है कि वर्ष 1929 में यहां से पहली बार महावीरी झंडा निकाला गया था, जो आज भी भव्य रूप से तपोवन मंदिर तक जाता है. यह परंपरा रांची की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बन चुकी है.

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 रामनवमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आयोजन होते हैं. हर मंगलवार की रात यहां जागरण आयोजित किया जाता है और हनुमानजी का भव्य श्रृंगार किया जाता है. मंदिर के पट सुबह 5 बजे खुलते हैं और शाम 4:30 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन के लिए खुले रहते हैं.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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