Raksha Bandhan Puja Vidhi: ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा, जानें राखी बांधने की पूरी विधि

रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। जानें भद्रा काल के बिना राखी बांधने के शुभ मुहूर्त और पूजा की पूरी विधि। जानें भाई की कलाई पर राखी बांधने का सही मंत्र और तरीका।

Raksha Bandhan Puja Vidhi: रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को पड़ रहा है. इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा. मिथिला और काशी पंचांग के अनुसार, भद्रा समाप्त होने के बाद राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त है. बिहार में सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक का है. वहीं, झारखंड में रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक मान्य है. रक्षाबंधन की पूजा कैसे करें और इस दिन राखी बांधने की सही विधि क्या है, आइए जानते हैं.

रक्षाबंधन पूजा विधि

रक्षाबंधन के दिन सावन पूर्णिमा पड़ रही है. इसके साथ ही इस दिन शुक्रवार का संयोग बन रहा है. ऐसे में इस दिन माता लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ रहेगा. रक्षाबंधन के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें.

इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए पीले रंग का तिलक लगाएं. भगवान को पीले फूल अर्पित करें. भगवान को पीले फल का भोग लगाएं. भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें. भगवान विष्णु का मंत्र-'ॐ नमो नारायणाय' का काम से कम 11 बार जाप करें. पूजन के अंत में आरती करें. आरती करने के बाद प्रसाद बांटे.

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रक्षाबंधन पर राखी बांधने की विधि

  • श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें.
  • कुलदेवी या देवता का स्मरण करें. साथ ही भगवान गणेश का ध्यान करें.
  • पूजा की थाली तैयार करें और उसमें रोली, चंदन, अक्षत, दीपक और रक्षासूत्र (राखी), घी, मिठाई रखें.
  • भाई को राखी बांधने से पहले उनका चेहरा पूरब या उत्तर दिशा में रखें. पूरब दिशा का संबंध सूर्य देव से है. जबकि उत्तर दिशा के देवता कुबेर हैं.
  • भाई के सिर पर कोई शुद्ध वस्त्र रखें. बहन चाहें तो काले रंग को छोड़कर किसी भी रंग के रुमाल का इस्तेमाल कर सकती हैं.
  • घी का दीपक जलाएं और उनके माथे पर रोली का टीका और अक्षत लगाएं. तर्जनी यानी इंडेक्स फिंगर से तिलक लगाना शुभ माना गया है.
  • भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें और इस दौरान पौराणिक राखी मंत्र- "येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः, तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचलः".

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  • दीपक से भाई को तीन या पांच बार आरती उतारें. इतना करने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं. साथ ही, भाई की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें.
  • भाई को अपने सामर्थ्य के अनुसार, बहन को कुछ न कुछ उपहार या धन जरूर देना चाहिए. ऐसी परंपरा सदियों से चली आ रही है.


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लेखक के बारे में

By दीपेश कुमार ठाकुर

दिपेश कुमार ठाकुर प्रभात खबर डिजिटल में धर्म और राशिफल सेक्शन लीड के तौर पर बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और न्यूमेरोलॉजी से जुड़े विषयों पर व्यापक लेखन किया है. उन्होंने Zee News, News24, Bharat Express, NDTV, Jansatta और Hari Bhoomi जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. धर्म और ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों की रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. उन्होंने संस्कृत साहित्य से स्नातक के साथ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की है.

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