पुत्रदा एकादशी 2026: व्रत में भूलकर भी न खाएं ये चीजें, जानें सेंधा नमक और फलाहार के सही नियम

सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत वर्ष 2026 में 23 अगस्त, रविवार को रखा जाएगा. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हुए व्रत और सात्विक आचरण का पालन करते हैं. एकादशी व्रत में खान-पान के नियमों का विशेष महत्व माना जाता है. सामान्य रूप से फलाहार करने वाले लोग फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और आलू से बने व्यंजनों का सेवन करते हैं.

Putrada Ekadashi Vrat: सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत वर्ष 2026 में 23 अगस्त, रविवार को रखा जाएगा. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना करते हुए व्रत रखते हैं. धार्मिक परंपराओं में एकादशी के दौरान सात्विक भोजन और संयम को विशेष महत्व दिया जाता है. हालांकि, व्रत रखने का तरीका व्यक्ति की धार्मिक परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है.

व्रत में क्या खा सकते हैं?

एकादशी के व्रत में सामान्य रूप से फलाहार किया जाता है. श्रद्धालु फल, दूध, दही और अपनी परंपरा के अनुसार व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं. साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और आलू से बने सात्विक व्यंजन भी कई घरों में व्रत के दौरान खाए जाते हैं.

ये भी पढ़ें: पुत्रदा एकादशी 2026: सुबह संकल्प से लेकर शाम की आरती तक, ऐसे करें भगवान विष्णु की आराधना

सेंधा नमक का किया जाता है इस्तेमाल

व्रत के भोजन में सामान्य नमक की जगह कई लोग सेंधा नमक का उपयोग करते हैं. इससे फलाहार व्यंजन तैयार किए जाते हैं. हालांकि, भोजन संबंधी नियम अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं.

किन चीजों से करना चाहिए परहेज?

पुत्रदा एकादशी व्रत में सामान्य रूप से अनाज और दालों का सेवन नहीं किया जाता. चावल, गेहूं से बने सामान्य खाद्य पदार्थ और अन्य नियमित भोजन से व्रत रखने वाले श्रद्धालु परहेज करते हैं. मांसाहार और शराब जैसी तामसिक चीजों से दूर रहने की भी धार्मिक परंपरा है.

ज्यादा तला-भुना खाना खाने से बचें

व्रत के नाम पर अधिक तला-भुना या भारी भोजन करने से बचना बेहतर हो सकता है. फल, पर्याप्त पानी और हल्का भोजन शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है. निर्जला व्रत रखने या भोजन में बड़ा बदलाव करने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है.

ये भी पढ़ें: श्रीहरि की कृपा से घर में आएगी सुख-समृद्धि, पुत्रदा एकादशी पर इस तरह करें भगवान विष्णु को प्रसन्न

व्रत में सात्विकता और संयम का रखें ध्यान

एकादशी व्रत को केवल खान-पान से नहीं, बल्कि संयम और सात्विक व्यवहार से भी जोड़ा जाता है. भगवान विष्णु की पूजा, नाम जाप, जरूरतमंदों की सहायता और सकारात्मक व्यवहार को धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >