Pradosh Vrat 2026: साल 2026 में माघ शुक्ल प्रदोष व्रत 30 जनवरी को किया जाएगा. यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना और व्रत करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सम्मान बढ़ता है. साथ ही जीवन में स्थिरता और खुशहाली बनी रहती है. पूजा के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना और कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होता है, ताकि पूजा में कोई अड़चन न आए और भक्त को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके.
प्रदोष व्रत के दिन क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
- प्रदोष व्रत के दिन भक्त को बाल या नाखून नहीं काटने चाहिए. इस दिन ऐसा करना अशुभ माना जाता है.
- इस दिन पेड़-पौधों को नहीं काटना चाहिए और न ही पत्तियां तोड़नी चाहिए.
- प्रदोष व्रत के दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. पूजा के समय काले वस्त्र पहनना अशुभ माना जाता है.
- व्रत का संकल्प लेने के बाद उसे बीच में कभी नहीं तोड़ना चाहिए.
- प्रदोष व्रत के दिन मांस-मछली, शराब और अन्य नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
- इस दिन क्रोध करने और अपशब्दों का प्रयोग करने से भी बचना चाहिए.
प्रदोष व्रत के दिन क्या करना चाहिए?
- प्रदोष व्रत के दिन भक्त को सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए. इसके बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए.
- पूजा और व्रत का संकल्प लेने के बाद पूरे श्रद्धा और नियम के साथ उसका पालन करना चाहिए.
- इस दिन जरूरतमंदों को दान अवश्य देना चाहिए. मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं.
- इस दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे मन को शांति मिलती है.
प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त की शुरुआत: 30 जनवरी को शाम 05:30 बजे
- शुभ मुहूर्त की समाप्ति: 30 जनवरी की रात 10:25 बजे
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