Pradosh Vrat 2026: 30 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र मास का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे ‘सोम प्रदोष’ का दुर्लभ संयोग माना गया है. शास्त्रों में सोम प्रदोष को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करने वाला सबसे उत्तम व्रत माना गया है. ज्योतिषाचार्य संजीक कुमार मिश्रा जी के अनुसार, इस दिन किए गए विशेष उपाय कुंडली के गंभीर से गंभीर ग्रह दोषों को भी शांत कर सकते हैं.
चंद्र दोष और मानसिक शांति के लिए
सोम प्रदोष व्रत का सीधा संबंध चंद्रमा से है. पूजा के दिन शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध अर्पित करें और “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें. इससे मानसिक तनाव दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है.
शनि दोष
जिन जातकों पर शनि की भारी दशा चल रही है, उन्हें इस दिन भगवान शिव के साथ नंदी (बैल) की पूजा जरूर करनी चाहिए. इसके साथ शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल अर्पित करें.
वैवाहिक क्लेश और शुक्र दोष के लिए
अगर दांपत्य जीवन में कड़वाहट है या विवाह में देरी हो रही है, तो प्रदोष काल में शिव-पार्वती का गठबंधन करें (मौली से दोनों को बांधें) और माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं. इस दिन गन्ने के रस से अभिषेक करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है.
आर्थिक तंगी और कर्ज मुक्ति के लिए
शिवलिंग पर अक्षत चढ़ाएं. ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा हुआ न हो. इससे दरिद्रता दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं.
चैत्र प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 30 मार्च 2026 (सोमवार)
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 30 मार्च, सुबह 07:09 बजे से
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 मार्च, सुबह 06:55 बजे तक
- पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 06:38 से रात 08:57 तक
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