पापमोचनी एकादशी 2024: इस दिन व्रत करने से मिलेगी पापों से मुक्ति, जानिए तिथि और महत्व

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है. इसे पापमोचनी एकादशी कहते हैं. इस वर्ष पापमोचनी एकादशी का व्रत 5 अप्रैल को रखा जाएगा. जानिए

By Anand Shekhar | March 30, 2024 1:08 PM

पापमोचनी एकादशी 2024: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. हर महीने में दो एकादशियां तिथियां होती हैं- कृष्ण पक्ष की एकादशी और शुक्ल पक्ष की एकादशी. इनमें से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष पापमोचनी एकादशी 5 अप्रैल 2024, शुक्रवार को मनाई जाएगी.

पापों से छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए

पापमोचनी एकादशी को सभी पापों से मुक्ति पाने का अवसर माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कठोर व्रत रखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि जो भक्त सच्ची श्रद्धा से इस व्रत का पालन करते हैं और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें उनकी कृपा प्राप्त होती है.

कब है पापमोचनी एकादशी?

इस वर्ष पापमोचनी एकादशी 4 अप्रैल 2024 , गुरुवार शाम 4:14 बजे से शुरू होकर 5 अप्रैल 2024, शुक्रवार दोपहर 1:28 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, व्रत 5अप्रैल, 2024 को रखा जाएगा. पारणा (व्रत का समापन) 6 अप्रैल 2024, शनिवार सुबह 6:43 बजे से 8:51 बजे के बीच किया जाएगा.

पापमोचनी एकादशी का क्या महत्व है ?

पापमोचनी एकादशी के नाम से ही स्पष्ट है कि इस दिन व्रत रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए व्रत रखा जाता है. माना जाता है कि सच्ची श्रद्धा से किया गया यह व्रत आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति में सहायक होता है.

पापमोचनी एकादशी के दिन गरीबों को दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. इस दिन तुलसी का पौधा लगाने का भी विशेष महत्व है. भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर दर्शन करने से विशेष लाभ मिलता है.

पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि

  • एकादशी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
  • स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें.
  • भगवान विष्णु को फल, फूल, मिठाई, दीप आदि अर्पित करें.
  • व्रत का संकल्प लें और “ॐ नमो नारायण” मंत्र का जाप करें.
  • पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत रखें.
  • अगले दिन सुबह स्नान करके पारणा करें.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/954529084

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