Nepal flash flood Kailash Mansarovar Yatra: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा है. तिब्बत जा रहे सैकड़ों तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटने की खबर है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय श्रद्धालुओं की बताई जा रही है.
अचानक आई बाढ़ से बढ़ी मुश्किल
बताया जा रहा है कि रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी. तेज बहाव और भारी मलबे के कारण कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई. कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्री भी इसी क्षेत्र से होकर आगे बढ़ रहे थे. ऐसे में अचानक आई बाढ़ ने उनकी यात्रा को मुश्किल में डाल दिया.
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करीब 750 से ज्यादा लापता
नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद लगभग 750 से ज्यादा लापता होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. इन यात्रियों में अधिकांश भारतीय बताए जा रहे हैं. इसके अलावा करीब 93 नेपाली तीर्थयात्री भी प्रभावित बताए गए हैं. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा से क्यों जुड़ा है मामला?
कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. भारत समेत कई देशों से श्रद्धालु हर साल कैलाश पर्वत और मानसरोवर के दर्शन के लिए यात्रा करते हैं. नेपाल का रसुवा क्षेत्र तिब्बत की सीमा से जुड़ा होने के कारण इस यात्रा के मार्ग में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यही वजह है कि रसुवा में आई बाढ़ का सीधा असर तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर पड़ा है.
परिवारों की बढ़ी चिंता
तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटने की खबर सामने आने के बाद उनके परिजनों में चिंता का माहौल है. प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने तथा राहत एवं बचाव प्रयासों पर ध्यान दिया जा रहा है. हालांकि, यात्रियों की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
ऐसे में नेपाल की फ्लैश फ्लड सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं रही, बल्कि इसने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी बड़ा असर डाला है. यात्रियों की सुरक्षित वापसी अब सबसे अहम चिंता बनी हुई है.
