नवरात्र पूजन: महाशक्ति की उपासना, सृष्टि, साधना और नारी सम्मान का दिव्य संदेश

Navratri 2026: महाशक्ति की उपासना सृष्टि, साधना और नारी सम्मान का संदेश देती है. जानें वेदों, उपनिषदों और शास्त्रों में वर्णित शक्ति का महत्व और जीवन में इसकी भूमिका.

    महामहोपाध्याय आचार्य डॉ सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय
    (पूर्व आइएएस, प्रयागराज)

    Navratri 2026: समस्त विश्व महाशक्ति का ही विलास है. वही आद्याशक्ति इस संपूर्ण सृष्टि की रचना, पालन और संहार करती हैं. वे अनेक रूपों और नामों में प्रकट होकर जगत का संचालन करती हैं. भारतीय संस्कृति में शक्ति उपासना की परंपरा अत्यंत प्राचीन है, जिसका उल्लेख वेदों, उपनिषदों और पुराणों में व्यापक रूप से मिलता है. ऋग्वेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद में शक्ति की स्तुति विभिन्न सूक्तों और ऋचाओं के माध्यम से की गई है, जो इस परंपरा की प्राचीनता को सिद्ध करती है.

    प्राचीन ग्रंथों में शक्ति का स्वरूप

    आरण्यकों और उपनिषदों में भी शक्ति की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है. यहां तक कि मोहनजोदड़ो की खुदाई में प्राप्त मातृदेवी की प्रतिमा भी यह प्रमाणित करती है कि प्राचीन काल से ही शक्ति की उपासना का प्रचलन रहा है. देवी भागवत में शक्ति शब्द की व्युत्पत्ति बताते हुए कहा गया है कि ‘श’ का अर्थ ऐश्वर्य और ‘क्ति’ का अर्थ पराक्रम है. जो ऐश्वर्य और पराक्रम दोनों प्रदान करे, वही शक्ति कहलाती है.

    महाशक्ति ही परब्रह्म का स्वरूप

    शास्त्रों के अनुसार, महाशक्ति ही परब्रह्म का स्वरूप हैं. देव्यथर्वशीर्ष में देवी स्वयं कहती हैं— “अहं ब्रह्मस्वरूपिणी, मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत्.” अर्थात् समस्त सृष्टि उन्हीं से उत्पन्न हुई है. वे एक होते हुए भी अपनी शक्ति से अनेक रूप धारण करती हैं— “एकोऽहं बहु स्याम्.” यही कारण है कि संसार में विविध रूपों में देवी की आराधना की जाती है.

    नवरात्र: साधना और आत्मसंयम का पर्व

    शारदीय और चैत्र (वासंतिक) नवरात्र शक्ति उपासना के प्रमुख पर्व हैं. यह समय साधना, आत्मसंयम और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करता है. इन नौ दिनों में भक्त देवी की आराधना कर अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करते हैं.

    वाङ्मयी पूजा और आध्यात्मिक अनुभव

    आचार्य अभिनवगुप्त के अनुसार, इस जगत का प्रत्येक शब्द और प्रत्येक रूप देवी की ही अभिव्यक्ति है. जब साधक इस भाव को आत्मसात कर लेता है, तब उसका हर कर्म, हर विचार और हर अनुभूति देवी की उपासना बन जाती है. इस अवस्था में जीवन का प्रत्येक क्षण जप, ध्यान और स्तुति का रूप धारण कर लेता है.

    नारी सम्मान ही सच्ची शक्ति उपासना

    शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि जो व्यक्ति सुख, समृद्धि और कल्याण चाहता है, उसे स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए. स्त्री को लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. दुर्गा सप्तशती में भी कहा गया है कि संसार की समस्त स्त्रियों में देवी का वास है. स्त्रियों में जो सौंदर्य, सौभाग्य और लावण्य दिखाई देता है, वह देवी की कृपा का ही परिणाम है.

    जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने भी देवी को गुरु स्वरूप मानकर उनसे मार्गदर्शन की प्रार्थना की है. इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि शक्ति उपासना केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन का एक व्यापक दृष्टिकोण है, जिसमें प्रत्येक नारी को देवी का रूप मानकर उसका सम्मान और संरक्षण करना ही सच्ची साधना है.

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    लेखक के बारे में

    Published by: Shaurya Punj

    शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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