Navratri 2024 1st Day: शारदीय नवरात्र के पहले दिन आज हो रही है मां शैलपुत्री की पूजा, ऐसे करें कलश स्थापना

Navratri 2024 1st Day: आज नवरात्रि के पहले दिन यानी गुरुवार 3 अक्टूबर 2024 को मां के पहले स्वरूप शैल पुत्री की आराधना की जाएगी। माता रानी को प्रसाद के रूप में गाय का घी समर्पित किया जाता है.

Navratri 2024 1st Day: आज 3 अक्टूबर 2024 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो चुका है. सूर्योदय के बाद मां की आराधना शुरू हो चुकी है. आज रात 1.11 बजे तक प्रतिपदा मिलने के कारण भक्तों को पूजा के लिए काफी समय मिल रहा है.

मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त

गुरुवार अपराह्न 3:17 बजे तक कलश स्थापना का उत्तम मुहूर्त है. अभिजीत मुहूर्त दिन के 11.36 से 12.22 बजे तक है. दोपहर 3.18 बजे तक हस्ता रहेगा और इसके बाद चित्रा लग जायेगा, जिसे शुभ माना जा रहा है. इसके अलावा ऐंद्र योग है, जो इस दिन को और शुभ बना रहा है. नवरात्र में चतुर्थी तिथि की वृद्धि और नवमी तिथि की क्षय है. वाराणसी पंचांग के अनुसार इस वर्ष मां का आगमन दोला (डोली) और गमन चरणायुद्ध (मुर्गा) पर हो रहा है, जो शुभ नहीं माना जा रहा है. बांग्ला पंचांग के अनुसार माता का आगमन डोली पर हो रहा है. इसका फल मड़क है. वहीं गमन घटक है. इसका फल छत्रभंग है. मिथिला पंचांग के अनुसार माता का आगमन डोली और गमन मुर्गा पर हो रहा है, जो शुभ नहीं है.
गुरुवार को मां के पहले स्वरूप शैल पुत्री की पूजा हो रही है. माता रानी को प्रसाद स्वरूप गाय का घी अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है. मां के केश के शृंगार के लिए चंदन का लेप, कंघी व त्रिफला अर्पित करने का महत्व है.

ऐसे करें मां की आराधना

मां की आराधना नौ दिनों तक उपवास, एक भुक्त व सात्विक भोजन कर की जा सकती है. कई भक्त नौ दिनों तक सिर्फ जल लेकर ही मां की आराधना करते हैं. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने कहा कि मां की आराधना कलश बैठाकर अथवा बिना कलश स्थापित किये भी की जा सकती है.

ऐसे करें कलश स्थापना

कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा घर की सफाई कर लें. पूजन सामग्री एकत्रित करें. गंगा जल छींट लें. फिर संकल्प कर गणेश जी का ध्यान करें. इसके बाद पीला सरसों आदि छींट लें. कलश बैठा रहे हैं, तो कलश बैठानेवाली जगह पर बालू और उसमें हल्की मिट्टी का समावेश कर उसे गोल अथवा चौकोर बनाकर उसके ऊपर जौ का छिड़काव कर दें और कलश रख दें. फिर कलश में गंगाजल और घर में रखे जल को रखकर पंच पल्लव डाल दें. इसके बाद कलश में सिक्का, सुपारी, सप्तमृतिका आदि डाल दें. फिर ढक्कन बंद कर उसे रख दें. उसके ऊपर अक्षत रखकर नारियल में शालू अथवा पीला कपड़ा बांधकर रख दें. वहीं कलश में मौली सूता बांध लें. नवग्रह की पूजा के लिए वेदी बनाकर उसमें झंडा आदि लगा दें. इसके बाद माता रानी की मूर्ति या उनकी तस्वीर रख लें. चुनरी ओढ़ाकर टीका कर लें और स्वयं भी इसे लगा लें. इसके बाद भगवान की पूजा कर उनका आह्वान करें और बारी-बारी से सभी देवी-देवता की पूजा कर लें. फिर फूल व फूल की माला चढ़ाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. यह पाठ संपूर्ण करें. यदि संपूर्ण नहीं कर रहे हैं, तो पहले दिन प्रथम अध्याय का पाठ करें. इसके बाद दूसरे दिन दूसरा-तीसरा अध्याय, तीसरे दिन चौथा, चौथे दिन पांचवां, छठा, सातवां, आठवां, पांचवें दिन नौवा और दसवां, छठे दिन 11वां अध्याय, सातवें दिन 12-13 अध्याय और आठवें और नौवें दिन देवी सुक्त का पाठ कर हवन करें. इससे पूर्व देवी कवच का पाठ कर लें. माता रानी की आरती कर प्रसाद आदि का वितरण करें. शाम में भी हर दिन माता रानी की आरती करें और प्रसाद आदि अर्पित करते हुए इसका वितरण करें. हर दिन क्षमा प्रार्थना का पाठ कर लें.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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