Masik Shivratri 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. महाशिवरात्रि वर्ष में एक बार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है, लेकिन प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि पड़ती है. इस प्रकार साल में 12 बार मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत रखते हैं और विधि-विधान से शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक करते हैं. मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि पर की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर करती है और सुख-समृद्धि प्रदान करती है.
निशिता पूजा और शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि पर निशिता पूजा का विशेष महत्व होता है. इस बार निशिता पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
घर पर रुद्राभिषेक कैसे करें
घर में रुद्राभिषेक करने के लिए पंचधातु, अष्टधातु या पीतल का शिवलिंग स्थापित करें. शिवलिंग को पीतल या तांबे की थाली में वेदी पर रखें. सबसे पहले जल से अभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें. इसके बाद कच्चा दूध, दही, घी और शहद अर्पित करें तथा हर सामग्री के बाद जल चढ़ाएं. फिर चंदन अर्पित कर शिवलिंग को पुनः वेदी पर स्थापित करें. इसके बाद कलावा, अक्षत, जनेऊ, बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और नारियल अर्पित करें. अंत में भगवान शिव की आरती कर पूजा संपन्न करें.
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मासिक शिवरात्रि पर पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत और शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. इस दिन की गई शिव आराधना से सुख, समृद्धि, आरोग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है. साथ ही अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है.
