Masik Durgashtami: हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व है. हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है. यह दिन मां दुर्गा को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा और उपवास करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है.
जून 2026 मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, जून महीने की मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि इस प्रकार रहेगी:
मुख्य व्रत तिथि: 22 जून 2026, सोमवार
अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 21 जून 2026 को दोपहर 03:20 बजे से
अष्टमी तिथि का समापन: 22 जून 2026 को दोपहर 03:39 बजे तक
उदयातिथि के सिद्धांत और दिन के समय अष्टमी तिथि की प्रधानता होने के कारण, मासिक दुर्गाष्टमी का मुख्य व्रत, पूजन और अनुष्ठान 22 जून (सोमवार) को ही किया जाएगा.
पूजा विधि
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें. मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. मां दुर्गा को लाल चुनरी, लाल फूल, अक्षत, कुमकुम, फल और मिठाई अर्पित करें. घी का दीपक और धूप दिखाएं. उन्हें हलवा-पूरी या फलों का भोग लगाएं. इस दिन दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. साथ ही मां दुर्गा के प्रभावी मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें.
दुर्गाष्टमी व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्चे मन से हर महीने आने वाली दुर्गाष्टमी का व्रत रखते हैं, मां दुर्गा उनके जीवन से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों और भय को दूर करती हैं. यह व्रत न केवल मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि घर-परिवार की आर्थिक समस्याओं और बाधाओं से भी मुक्ति दिलाता है. माता रानी की कृपा से भक्तों को सुख, समृद्धि, वैभव और यश की प्राप्ति होती है.
यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar
