मंगला गौरी व्रत आज, इन गलतियों से हो सकता है व्रत का पुण्य कम, जानें क्या करें और क्या न करें

पवित्र सावन माह में पड़ने वाले मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है. जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें ताकि व्रत का पुण्य नष्ट न हो.

Sawan Mangla G026:auri Vrat 2026: पवित्र सावन माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व होता है. इस दिन माता गौरी को समर्पित मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं. कई अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा वर प्राप्त करने यह व्रत करती हैं. मंगला गौरी व्रत के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है. कहा जाता है कि पूजा या व्रत में की गई छोटी-सी भूल भी व्रत के पुण्य फल को प्रभावित कर सकती है. आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए.

मंगला गौरी व्रत के दिन क्या न करें?

तामसिक भोजन और मदिरा का सेवन न करें

व्रत के दिन घर में लहसुन, प्याज, मांसाहार और मदिरा जैसी तामसिक वस्तुओं का सेवन करना या उन्हें घर में लाना वर्जित माना गया है. व्रत न रखने वाले परिवार के सदस्यों को भी इस दिन सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है.

इन रंगों के वस्त्र पहनने से बचें

मंगला गौरी व्रत सौभाग्य और सुहाग का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इस दिन काले, नीले, सफेद और गहरे भूरे रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए. 

क्रोध और विवाद से दूर रहें

व्रत के दौरान मन को शांत रखें. किसी के प्रति कटुता, क्रोध, चुगली या घर में विवाद करने से बचें. इस दिन माता गौरी और भगवान शिव का स्मरण करते हुए सकारात्मक भाव बनाए रखें.

सामान्य नमक और अन्न का सेवन न करें

यदि आप फलाहार या व्रत का भोजन कर रहे हैं, तो सामान्य सफेद नमक का सेवन न करें. आवश्यकता होने पर केवल सेंधा नमक का उपयोग करें. 

मंगला गौरी व्रत के दिन क्या करें?

सोलह श्रृंगार करें

पूजा से पहले सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करें. इसके साथ ही माता गौरी को सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, चुनरी, मेहंदी और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित करें.

दान-पुण्य करें

पूजा के बाद किसी सुहागिन महिला या ब्राह्मण दंपती को यथाशक्ति सुहाग सामग्री, वस्त्र या दक्षिणा का दान करना शुभ माना जाता है.

मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

धार्मिक मान्यता है कि संध्या के समय भगवान शिव और माता पार्वती भ्रमण करते हैं. इसलिए शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत

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लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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