Mahavatar Babaji Memorial Day: असीम कृपा के सागर महावतार बाबाजी के बारे में जानें

Mahavatar Babaji Memorial Day: हिमालय की गूढ़ शांति में स्थित, महावतार बाबाजी एक अमर योगी हैं जिन्होंने क्रियायोग का पुनर्जागरण कर मानवता को आध्यात्मिक मार्ग दिखाया. उनकी पुण्यतिथि पर आइए जानें उनके दिव्य जीवन, शिक्षाओं और अनंत कृपा के प्रेरक प्रसंगों को.

Mahavatar Babaji Memorial Day: “पूर्व और पश्चिम को कर्म और आध्यात्मिकता के समन्वय से एक संतुलित सुवर्ण मार्ग अपनाना होगा. भारत को जहां पाश्चात्य जगत से भौतिक प्रगति के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है, वहीं भारत योग विज्ञान जैसे शाश्वत आध्यात्मिक सिद्धांतों को साझा कर पाश्चात्य जगत की धार्मिक नींव को और अधिक सुदृढ़ बना सकता है.”

बाबाजी की कृपा: योगी कथामृत के पन्नों में अमर प्रेरणा

महावतार बाबाजी की अनंत कृपा और दिव्य उद्देश्य का यह सार, विश्वविख्यात पुस्तक ‘योगी कथामृत’ में श्री श्री परमहंस योगानन्द द्वारा प्रस्तुत किया गया है. यह ग्रंथ न केवल आध्यात्मिक साहित्य में अद्वितीय स्थान रखता है, बल्कि उसमें उल्लिखित बाबाजी के जीवन और कार्यों के तथ्य श्रद्धा और चमत्कार के अद्भुत संगम से ओत-प्रोत हैं.

Mahavatar Babaji Memorial Day: महावतार बाबाजी—अनन्तकाल तक प्रेरणा प्रदान करने वाले सन्त

क्रियायोग का पुनर्जागरण: बाबाजी की दिव्य योजना

क्रियायोग विज्ञान, जो युगों तक लुप्तप्राय रहा, उसे फिर से संसार में प्रचारित करने के लिए बाबाजी ने अपनी दिव्य योजना के अंतर्गत रानीखेत में कार्यरत एक सरकारी इंजीनियर लाहिड़ी महाशय का स्थानांतरण कराया. उन्हें हिमालय स्थित द्रोणगिरि पर्वत पर आमंत्रित कर, अपनी योगशक्ति से एक भव्य महल की रचना की और वहां उन्हें क्रियायोग में दीक्षित किया. यह दीक्षा केवल संन्यासियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाबाजी ने सभी सच्चे साधकों को इसका अभ्यास करने की अनुमति दी — यह उनकी करुणा और सार्वभौमिक दृष्टिकोण का प्रतीक है.

बाबाजी की प्रेरणा से पाश्चात्य जगत में फैला क्रियायोग

1920 में, जब योगानन्दजी को अमेरिका में धार्मिक सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण मिला, तब उन्होंने इस कठिन यात्रा से पहले ईश्वरीय मार्गदर्शन की प्रार्थना की. उसी क्षण बाबाजी प्रकट हुए और उन्हें आश्वासन दिया: “डरो मत; तुम्हारा संरक्षण किया जाएगा.” यह तिथि – 25 जुलाई – आज भी बाबाजी की स्मृति में विशेष रूप से मनाई जाती है. इच्छुक पाठकगण इस दिवस के आयोजन हेतु yssofindia.org पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

इसी दिव्य भेंट में बाबाजी ने योगानन्दजी को स्पष्ट निर्देश दिए: “तुम्हीं वह हो जिसे मैंने पाश्चात्य जगत में क्रियायोग का प्रचार करने के लिए चुना है. यह वैज्ञानिक प्रणाली शीघ्र ही सम्पूर्ण विश्व में फैलेगी.” इस महान उद्देश्य की पूर्ति हेतु योगानन्दजी ने भारत में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया और पश्चिम में सेल्फ-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप की स्थापना की.

इसके अतिरिक्त, प्रयाग के कुम्भ मेले में बाबाजी ने योगानन्दजी के गुरु श्रीयुक्तेश्वरजी को दर्शन देकर उन्हें ‘कैवल्य दर्शनम्’ नामक ग्रंथ लिखने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा, “धार्मिक मतभेदों के कारण लोग इस बात को भूल गए हैं कि सभी महान संतों ने एक ही सत्य का उपदेश दिया है. विभिन्न धर्मों के समानार्थक उद्धरण प्रस्तुत कर यह सिद्ध कीजिए कि ईश्वर की अनुभूति सर्वधर्म समभाव की ओर ले जाती है.”

बाबाजी एक ऐसे अद्भुत योगी हैं, जो सर्वव्यापी ब्रह्मचेतना में स्थित रहते हुए भी जनसाधारण की दृष्टि से ओझल हैं. उन्हें देश, काल और भौतिक सीमाएं बांध नहीं सकतीं. वे सदैव युवा प्रतीत होते हैं — तेजस्वी गौरवर्ण, मध्यम कद-काठी, बलिष्ठ शरीर, शांत और करुणामयी नेत्र, ताम्रवर्ण के चमकते लंबे केश — उनके इस अलौकिक रूप की केवल कल्पना ही हृदय को भावविभोर कर देती है.

जैसा कि लाहिड़ी महाशय ने कहा था, “जब कोई श्रद्धा से बाबाजी का नाम स्मरण करता है, उसे तत्क्षण आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त होता है.” आइए, हम सब मिलकर इस दिव्य नाम का स्मरण करें और उनकी अनंत अनुकंपा के पात्र बनें.

लेखिका – डॉ (श्रीमति) मंजु लता गुप्ता

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >