सलिल पांडेय, मिर्जापुर
Mahashivratri 2026: शास्त्रों में शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत रखना बहुत शुभ माना गया है. कहते है कि इस दिन व्रत, पूजा और रात भर जागकर भगवान शिव का स्मरण करने महादेव की विशे, कृपा प्राप्त होती है. पुराणों में कहा गया है कि शिवरात्रि का व्रत करने सभी पापों मुक्ति मिलती है.इस दिन साथ दीन दान, मंत्र जाप , अभिषेक और भगवान शिव के प्रिय फुलो का अर्पण जीवन में सकरात्कम बदलाव लाता है.
दीपदान का महत्व
इस दिन शिव मंदिर में दीप जलाना शुभ माना जाता है. शास्त्रों में वर्णित है कि पूर्वजन्म में कुबेर ने भी इस दिन दीपदान किया था, इसलिए वे देवताओं के कोषाध्यक्ष बने. सुहागिन महिलाओं को लाल साड़ी, चूड़ी और कुमकुम देने से वैवाहिक जीवन की परेशानियाँ कम होती हैं. जरूरतमंद या अशक्त व्यक्ति को अनाज दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. दान हमेशा योग्य व्यक्ति को ही देना चाहिए.
महादेव का अभिषेक
शिवलिंग पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र बोलते हुए जल चढ़ाने से सुख-समृद्धि और योग्य संतान का आशीर्वाद मिलता है. दूध और शक्कर चढ़ाने से विद्या, गंगाजल से ज्ञान, शहद से स्वास्थ्य और गन्ने के रस से जीवन में अनुकूलता आने की मान्यता है.
फूल चढ़ाने के लाभ
चमेली के फूल से वाहन सुख, शमी और आंकड़े से ज्ञान, कनेर, अलसी, हरसिंगार या जूही से संपन्नता मिलती है. धतूरा चढ़ाने से योग्य संतान और दूर्वा चढ़ाने से आयु बढ़ने की मान्यता बताई गई है.
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