कल है महाशिवरात्रि, 144 वर्षों बाद बन रहा है शुभ संयोग

Maha Shivratri 2025: महाशिवरात्रि 2025 पर बन रहा है 144 साल बाद दुर्लभ संयोग. इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 144 वर्षों के बाद महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान के साथ मेल खा रहा है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से जानें इस शुभ संयोग के लाभ के बारे में

Maha Shivratri 2025: सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को ज्योतिलिंग के रूप में प्रकट करनेवाली महारात्रि-महाशिवरात्रि का परम- पावन- पर्व महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025,बुधवार को पड़ रहा है.आज का दिन शिव भक्तों तथा सनातन धर्मियों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.इस वर्ष का महाशिवरात्रि पर्व 144 वर्षों वाद महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान का संयोग भी बना हुआ है.

शिव मन्दिरों में होती है विशेष पूज

विश्वभर में फैले शिवानुरागी शिव भक्त अत्यन्त श्रद्धा-विश्वास के साथ जलाभिषेक-दुग्धाभिषेक-विल्व पत्राभिषेक तथा अन्यान्य विधियों से शिव पूजन कर व्रत रखकर मनाते हैं.देश भर के द्वादश ज्योतिलिंग के साथ-साथ सभी शिव मन्दिरों में विशेष पूजनः अनुष्ठान का कार्य सम्पन्न होगा.

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शिवभक्ति में लोग होते हैं सराबोर

शास्त्रीय मान्यता एवं परम्परा के अनुसार आज के दिन बाबा भोलेनाथ का माता पार्वती के साथ विवाह हुआ था.इसलिए औघड़दानी बाबा भोलेनाथ के भक्त शिवभक्ति में सराबोर होकर शिव बारात निकालकर तथा व्रत रखकर अभिषेक करके मस्ती में आकर शिवरात्रि पर्व मनाते हैं.

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनायी जाती है.शिवभक्तों के लिए शिवरात्रि का व्रत एवं भगवान् शिव की पूजा विशेष फलदायी है.महाशिवरात्रि शिव और शक्ति का मिलन का दिन है.मान्यता है कि इस समय भगवान् शिव का अशं प्रत्येक शिवलिंग में पूरे दिन और रात मौजूद रहता है.

भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा से होता है इन्हें फायदा

महाशिवरात्रि में शिवजी की पूजा और उपासना करने से शिवजी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं तथा भक्तों का हर मनोकामना पूरी करते हैं.स्थाई सुख-समृद्धि,संतान सुख,आयु-आरोग्य की बृद्धि,रोग बाधा से छुटकारा मिलता है.जिन व्यक्तियों की जन्म कुण्डली में कालसर्प दोष,विष योग,शनि की आढैया तथा साढ़ेसाती,साथ ही मंगली दोष व्याप्त है उन्हें शिवरात्रि का व्रत एवं भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा उपासना करना चाहिए.

महाशिवरात्रि व्रत से बढ़कर और कोई व्रत नहीं

जिन लोगों के घर में कलह,वाद-विवाद,लड़ाई-झगड़े से परेशानी,मामला मुकदमा,आर्थिक हानि,चालू व्यापार बंद हो जाना,भाग्य बाधा,संतान हीनता,विवाह बाधा तथा सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए महाशिवरात्रि व्रत से बढ़कर और कोई व्रत नहीं हैं.

60 वर्षों बाद बन रहा है त्रिग्रही योग

इस वर्ष 2025 में महाशिवरात्रि पर्व के तीन दुर्लभ संयोग बन रहा है. 60 वर्षों बाद त्रिग्रही योग(सूर्य,बुध व शनि कुंभ राशि में रहेंगे),31 वर्षों बाद बुधादित्य योग तथा 7 वर्ष वाद बुधवार का संयोग तथा श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र का युग्म संयोग. 26 फरवरी बुधवार त्रयोदशी तिथि दिवा 9 बजकर 19 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का का शुरूआत होगी.

चतुर्दशी तिथि का समापन 27 फरवरी बृहस्पतिवार दिवा 8 बजकर 09 मिनट पर होगी,श्रवण नक्षत्र दिवा 4 बजकर 10 तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र,शिवयोग रात्रि 12 बजकर 03 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग है. चन्द्रमा मकर राशि में रात्रि 3.50 के उपरांत कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे.इस दिन सुबह से लेकर रात्रि जागरण कर शिव पूजा का विधान है.

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चार पहर की पूजा का है विशेष महत्व

महाशिवरात्रि के अवसर पर निर्जला व्रत रखकर रात्रि के चारों पहरों में चार बार पूजा करते हैं उन्हें शिवजी के विशेष कृपा मिलता है.समस्त संकट दूर हो जाता है.मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

  • रात्रि के प्रथम पहर में पूजा का समय-सायं 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजकर 26 मिनट
  • रात्रि के द्वितीय पहर में पूजा का समय-रात्रि 9 बजकर 26 मिनट से (27 फरवरी) की अर्धरात्रि 12 बजकर 34 मिनट
  • रात्रि के तृतीय पहर में पूजा के समय-अर्धरात्रि 12 बजकर 34 मिनट से रात्रि 3 बजकर 41 मिनट
  • रात्रि के चतुर्थ पहर पूजा के समय –(27 फरवरी) सुबह 3 बजकर 41 मिनट से प्रातः 6 बजकर 48 मिनट

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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