Love Remedy:हर रिश्ता प्यार और विश्वास पर टिका होता है. अगर रिश्ते में दूरी, झगड़े या ठंडापन आ रहा है, तो ज्योतिष में चित्रा नक्षत्र के दौरान मंगल मंत्र जप को संबंध सुधारने का उपाय माना गया है.
चित्रा नक्षत्र क्या है?
वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में चित्रा नक्षत्र 14वां है. यह कन्या राशि के आखिरी हिस्से और तुला राशि के शुरुआती हिस्से में आता है. इस नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है, जो ताकत, साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है. चित्रा नक्षत्र के देवता विश्वकर्मा हैं, जिन्हें ब्रह्मांड का शिल्पकार कहा जाता है. इसलिए यह नक्षत्र कला, निर्माण, रचनात्मकता और सुंदरता से जुड़ा माना जाता है. इसका प्रतीक मोती है, जो पवित्रता और आकर्षण को दर्शाता है. सरल शब्दों में, चित्रा नक्षत्र मेहनती, रचनात्मक और आकर्षक व्यक्तित्व का संकेत देता है.
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह और देवता
रविवार के दिन, जब चित्रा नक्षत्र हो, उस समय यह मंत्र जप करना शुभ माना जाता है. सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और शांत मन से भगवान का स्मरण करें.
कौन सा मंत्र जपें?
ॐ कां कीं कौं सः भौमाय नमः
इस मंत्र का 11 बार जप करें. जप करते समय अपने रिश्ते में प्रेम, समझ और खुशियों की भावना मन में रखें.
मंत्र जप से माने जाने वाले लाभ
- पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर होता है
- गुस्सा और अहंकार कम होने में मदद मिलती है
- सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
- टूटते रिश्ते में सुधार की संभावना बनती है
ध्यान रखने वाली बातें
यह उपाय आस्था पर आधारित है. इसके साथ व्यवहार में भी प्यार, सम्मान और संवाद बनाए रखना बहुत जरूरी है. सिर्फ मंत्र ही नहीं, आपका व्यवहार भी रिश्ते को मजबूत बनाता है. अगर मन सच्चा हो, तो यह छोटा सा उपाय रिश्ते में बड़ी मिठास ला सकता है.
ये भी देखें: वास्तु शास्त्र का सीक्रेट उपाय जो पति-पत्नी के बीच की नेगेटिविटी कर सकता है खत्म
