Numerology: हर व्यक्ति की जन्म तारीख उसके जीवन से जुड़ी कई खास बातें बताती है. अंक ज्योतिष में इन्हीं तारीखों से मूलांक निकाला जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, कुछ मूलांक वाले लोगों को सफलता के लिए लंबा इंतजार और संघर्ष करना पड़ता है. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इनके हालात बदलने लगते हैं और 30 की उम्र के बाद किस्मत का साथ मिलने की मान्यता है. आइए जानते हैं वे कौन से मूलांक हैं.
मूलांक 8: मेहनत के बाद मिलती है सफलता
अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 होगा. अंक ज्योतिष में मूलांक 8 का संबंध शनि देव से माना जाता है.
मूलांक 8 वाले लोगों को जीवन के शुरुआती दौर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. करियर में सफलता पाने के लिए इन्हें अधिक मेहनत करनी पड़ती है. कई बार मेहनत के मुताबिक परिणाम मिलने में भी देरी होती है. हालांकि, यही संघर्ष इन्हें मजबूत बनाता है. उम्र बढ़ने के साथ इनमें जिम्मेदारी और समझदारी बढ़ती है. 30 की उम्र के बाद करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर मिल सकते हैं.
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मूलांक 4: गलतियों से सीखकर आगे बढ़ते हैं
जिन लोगों का जन्म किसी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 4 माना जाता है. अंक ज्योतिष में इस मूलांक का संबंध राहु से बताया गया है.
मूलांक 4 वाले लोग दूसरों से अलग सोचते हैं और अपनी शर्तों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. शुरुआती उम्र में जल्दबाजी में लिए गए फैसलों के कारण इन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. कई बार इन्हें सफलता पाने के लिए बार-बार प्रयास करना पड़ता है. समय के साथ ये अपनी गलतियों से सीखते हैं और फैसले लेते समय अधिक सावधानी बरतने लगते हैं. 30 की उम्र के बाद जीवन में स्थिरता आने और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने की मान्यता है.
30 के बाद क्यों बदलती है जिंदगी?
अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 4 और 8 वालों को शुरुआती जीवन में संघर्ष करना पड़ सकता है. इन संघर्षों से मिली सीख आगे चलकर उनकी सफलता का आधार बन सकती है.
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