कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में करें गणेश पूजा, मिलेगा शुभ फल

Krishnapingala Sankashti Chaturthi: आने वाले 3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत के नियम और भगवान गणेश की कृपा पाने के आसान उपाय.

Krishnapingala Sankashti Chaturthi: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान श्री गणेश को समर्पित माना जाता है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पड़ने वाली कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 3 जुलाई को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस बार इस व्रत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है.

शुभ तिथि और पूजा का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी तिथि का आरंभ 3 जुलाई को सुबह 11:20 बजे होगा और इसका समापन 4 जुलाई को दोपहर 12:39 बजे होगा. उदया तिथि और चंद्रोदय के आधार पर व्रत 3 जुलाई को रखा जाएगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 4:47 बजे तक रहेगा. लाभ-उन्नति मुहूर्त 7:12 से 8:56 बजे, अमृत मुहूर्त 8:56 से 10:41 बजे और अभिजीत मुहूर्त 11:57 से 12:53 बजे तक रहेगा. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:28 से 11:46 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.

ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा

व्रत के दिन प्रातः स्नान कर भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित करें और व्रत का संकल्प लें. पूजा में दूर्वा, लाल पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें. भगवान गणेश को मोदक या तिल के लड्डुओं का भोग लगाना शुभ माना जाता है. व्रत के दौरान सात्विक भोजन करें, केवल सेंधा नमक का प्रयोग करें और काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करें. साथ ही जरूरतमंदों को अन्न और धन का दान करना भी शुभ फलदायी माना गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >