Krishna Janmashtami Muhurat 2020 : मथुरा में कान्हा ने लिया जन्म, गूंज उठा हाथी घोड़ा पालकी, जै कन्हैया लाल की…

Krishna Janmashtami Muhurat 2020, Panchang, Puja Vidhi, Vrat, Aarti : कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी 2020 इस साल ज्यादातर लोग 11 अगस्त यानी आज मंगलवार को ही मना रहे हैं. आपको बता दें कि ज्योतिष गणना में आज के दिन को कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, आज से 26 घंटे का वृद्धि योग लग रहा है. कृष्ण भक्तों के लिए अहम जानकारी ये है कि मंगलवार को सुबह 9:06 बजे से ही अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी.

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 13, 2020 1:04 AM

Shree Krishna Janmashtami Muhurat 2020 : कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी 2020 इस साल ज्यादातर लोग 12 अगस्त को मनाएं हैं. आज रात 12 बजे मथुरा में कान्हा का जन्म हुआ. कान्हा का जन्म होते है हाथी घोड़ा पाल की जै कन्हैया लाल की जयकारों से मथुरा गूंज उठा. बता दें कि इस बार ज्योतिष गणना में आज के दिन कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, आज से 26 घंटे का वृद्धि योग लग रहा है. इस दौरान मां लक्ष्मी स्वरूपा राधा रानी की पूजा करने से न सिर्फ कान्हा खुश होंगे बल्कि घर में धन आगमन का भी माध्यम बनेगा. यह वृद्धि योग 12 तारीख को सुबह 6.50 बजे से 12 अगस्‍त सुबह 8.45 बजे तक रहेगा.

12 अगस्त बुधवार का पंचांग

भाद्रपद कृष्ण्पक्ष अष्टमी दिन-08:01 उपरांत नवमी

श्रीशुभसंवत-2077, शाके-1942, हिजरीसन- 1441-42

सूर्यास्त-06:29

सूर्योदय-05:31

सूर्योदय कालीन नक्षत्र- कृतिका उपरांत रोहिणी, वृद्धि-योग, कौ-करण,

सूर्योदय कालीन ग्रह विचार-सूर्य-कर्क,चन्द्रमा-मेष, मंगल -मीन,बुध-कर्क,गुरु-धनु,शुक्र-मिथुन,शनि-धनु, राहु-मिथुन,केतु-धनु

जन्माष्टमी पर चौघड़िया मुहूर्त कब है

सुबह 06.01 से 7.30 बजे तक लाभ

सुबह 07.31 से 9.00 बजे तक अमृत

सुबह 09.01 से 10.30 बजे तक काल

सुबह 10.31 से 12.00 बजे तक शुभ

दोपहर 12.01 से 1.30 बजे तक रोग

दोपहर 01.31 से 03.00 बजे तक उद्वेग

दोपहर 03.01 से 04.30 बजे तक चर

शाम 04.31 से 06.00 बजे तक लाभ

राहुकाल 12 से 3 1:30 तक।

उपायः गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।आराधनाः ॐ गं गणपतये नमःखरीदारी के लिए

शुभ समयः शाम 04.31 से 06.00 बजे तक लाभ

दिशाशूल-ईशानकोण एवं उत्तर

।।अथ राशि फलम्।।

माखन मिश्री का कान्हा को लगाएं भोग

ज्योतिषाचार्य और पुराणों में बखान है कि भगवान श्रीकृष्ण को मक्खन और मिश्री बहुत प्रिय है. इसलिए आज के दिन पूजा के दौरान कान्हा को माखन मिश्री का भोग जरूर लगाएं. इस साल जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र रहेगा. इस दिन चंद्रमा मेष राशि में और सूर्य कर्क राशि में विद्यमान रहेंगे. फलस्वरूप वृद्धि योग प्रबल है. यह धनवर्षा के लिहाज से सर्वोत्तम माना गया है. 12 अगस्त को श्रीकृष्ण की पूजा का शुभ समय रात 12:05 मिनट से 12:47 मिनट तक बताया जा रहा है. जन्म के बाद पूजा की अवधि 43 मिनट तक रहेगी.

आज और कल जन्माष्टमी का पर्व दो दिन मनाया जा रहा है. 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र लगेगा, जबकि चंद्रमा मेष और सूर्य राशि में संचार करेंगे. कृतिका नक्षत्र और राशियों की स्थिति के कारण वृद्धि योग बन रहा है. जन्माष्टमी पर बन रहा वृद्धि योग कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होगा. मान्यता है कि वृद्धि योग में पूजा करने से फल दोगुना प्राप्त होता है. वृद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है.

जानें कल क्यों रहेगा जन्माष्टमी मनाना शुभ

देश के कई राज्यों मे आज जन्माष्टमी मनाई जा रही है. वहीं कल 12 अगस्त को सूर्योदय तिथि अष्टमी है. आज 9 बजे के बाद अष्टमी तिथि शुरू हुई है. ऐसे में शास्त्री के अनुसार 11 अगस्त से 12 अगस्त को श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा. क्योंकि 11 अगस्त को मेष राशि भरणी नक्षत्र गत चंद्रमा व मंगलवार रहेगा. लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि वृष राशि बुधवार रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. 12 अगस्त को वृष राशि चंद्रमा कृतिका नक्षत्र के चतुर्थ चरण में रहेंगे. रोहिणी नक्षत्र के नजदीक चंद्रमा होंगे, इसलिए 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाना शुभ रहेगा.

रोहिणी नक्षत्र में हुआ था भगवान श्रीकृष्ण का जन्म

जन्माष्टमी के दिन लोग भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपवास रखने के साथ ही भजन-कीर्तन और विधि-विधान से पूजा करते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के जन्म अष्टमी तिथि के रोहिणी नक्षत्र में 12 बजे रात में हुआ था. इसलिए इसी नक्षत्र और तिथि में जन्माष्टमी मनाई जाती है. इस बार रोहिणी नक्षत्र 13 अगस्त की सुबह 03 बजकर 27 मिनट पर शुरू हो रहा है.

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