Karwa Chauth 2025 Moon Time in Bihar: करवा चौथ आज, जानें बिहार के प्रमुख शहरों में कब दिखेगा चांद

Karwa Chauth 2025 Moon Time in Bihar: करवा चौथ आज मनाया जा रहा है और बिहार में व्रती महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना के लिए निर्जला व्रत रख रही हैं. चंद्रमा के दर्शन के बिना व्रत पूर्ण नहीं माना जाता. जानें पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में चंद्रमा कब दिखाई देगा.

Karwa Chauth 2025 Moon Time in Bihar: करवा चौथ हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद को देखकर व्रत खोलती हैं. चंद्रमा का दर्शन और उसे अर्घ्य देना व्रत के पूर्ण होने के लिए अनिवार्य माना जाता है.

बिहार में चंद्रमा उदय का समय

बिहार में भी करवा चौथ का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. चंद्रमा का उदय हर शहर में समयानुसार भिन्न होता है. इसके तुरंत बाद महिलाएं चांद को अर्घ्य देंगी और व्रत का पारण करेंगी.

  • पटना -07:49 PM
  • गया -07:52 PM
  • नालंदा -07:48 PM
  • नवादा -07:49 PM
  • अरवल -07:51 PM
  • जहानाबाद -07:51 PM
  • शेखपुरा -07:47 PM
  • बेगूसराय -07:45 PM
  • खगड़िया -07:44 PM
  • सहरसा -07:42 PM
  • मधेपुरा -8:18 PM
  • सुपौल -07:42 PM
  • समस्तीपुर -07:46 PM
  • दरभंगा -07:44 PM
  • मुजफ्फरपुर -07:47 PM
  • वैशाली -07:48 PM
  • हाजीपुर- 07:48 PM
  • शिवहर -07:46 PM
  • सीतामढ़ी -07:45 PM
  • रोहतास -07:55 PM
  • भोजपुर -07:52 PM
  • बांका -07:43 PM
  • औरंगाबाद -07:54 PM
  • जमुई -07:46 PM
  • लखीसराय -07:46 PM
  • सिवान -07:51 PM
  • गोपालगंज -07:50 PM
  • बक्सर -07:54 PM
  • मुंगेर -8:55 PM
  • कटिहार -07:39 PM
  • पश्चिम चंपारण -7:46 PM
  • पूर्वी चंपारण -7:50 PM
  • मधुबनी -07:43 PM
  • गोपालगंज -07:50 PM
  • सहरसा -07:42 PM
  • अररिया -07:38 PM
  • किशनगंज -07:36 PM
  • पूर्णिया -07:39 PM

सरगी और दिनभर का व्रत

इस दिन सरगी सुबह के समय खाई जाती है, जिसमें फल, मिठाई और सुखा मेवा शामिल होता है. दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम के समय पूजा के लिए सजती हैं. चंद्रमा दिखाई देने के बाद महिलाएं जल से अर्घ्य देती हैं और व्रत खोलती हैं. इस अवसर पर परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर प्रसाद बांटना और खुशियां मनाना भी परंपरा में शामिल है.

धार्मिक मान्यता और शुभ लाभ

धार्मिक मान्यता है कि यदि व्रती महिला चंद्रमा को देखकर अर्घ्य देती हैं और पति के नाम का स्मरण करती हैं, तो उनके वैवाहिक जीवन में सुख, सौभाग्य और पति की लंबी उम्र आती है. इसलिए बिहार के सभी प्रमुख शहरों में समयानुसार चंद्रमा देखने और अर्घ्य देने का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है.

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करवा चौथ के दिन व्रत खोलने का सही समय क्या है?

चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोलना चाहिए. जब चांद दिखाई दे जाए, तब जल से अर्घ्य दें और पति के नाम का स्मरण करते हुए व्रत पारण करें.

सरगी कब खाई जाती है और इसमें क्या शामिल होता है?

सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है. इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे, परांठे और हल्का भोजन शामिल होता है, ताकि दिनभर निर्जला व्रत में ऊर्जा बनी रहे.

क्या करवा चौथ का व्रत केवल विवाहित महिलाएं रखती हैं?

परंपरागत रूप से यह व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं, लेकिन कुछ अविवाहित लड़कियां भी मनचाहा वर पाने की कामना से इसे रखती हैं.

करवा चौथ की पूजा कब की जाती है?

शाम के समय चंद्रमा निकलने से पहले, करवा माता की पूजा की जाती है. महिलाएं करवा, दीपक, मिठाई और पूजा की थाली से पूजा करती हैं.

क्या करवा चौथ का व्रत वैज्ञानिक या धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है?

धार्मिक दृष्टि से यह व्रत सौभाग्य, प्रेम और वैवाहिक स्थायित्व का प्रतीक है. मान्यता है कि इससे पति-पत्नी के संबंध मजबूत होते हैं और जीवन में समृद्धि आती है.

यदि बादल या बारिश की वजह से चांद नहीं दिखे तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में महिलाएं चंद्रमा की दिशा में देखकर या जल में प्रतिबिंब के रूप में अर्घ्य दे सकती हैं और मन से चंद्रदेव का ध्यान करते हुए व्रत खोल सकती हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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