Karwa Chauth 2025: 10 या 11 अक्टूबर, जानें कब मनाया जाएगा करवा, व्रत के दौरान जरूर रखें इन बातों का ध्यान

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ 2025 को लेकर महिलाओं में उत्साह है. सुहागन स्त्रियां पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस बार करवा चौथ 10 या 11 अक्टूबर को पड़ सकता है. आइए जानते हैं सही तिथि, पूजा विधि और चाँद निकलने का शुभ समय.

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का त्योहार हिंदू महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है. यह दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए मनाया जाता है. इस दिन, महिलाएँ बिना पानी पिए पूरे दिन का व्रत रखती हैं. शाम को, वे करवा माता की पूजा करती हैं और चाँद देखकर ही अपना व्रत खोलती हैं. यह त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार और विश्वास को मजबूत करने का प्रतीक है. हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि को यह व्रत रखा जाता है.

करवा चौथ 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • इस साल, करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025 को रहेगा.
  • चतुर्थी तिथि की शुरुआत: 10 अक्टूबर, रात 10:54 बजे
  • चतुर्थी तिथि का अंत: 10 अक्टूबर, शाम 07:38 बजे
  • पूजा का शुभ समय: सुबह 05:16 बजे से शाम 06:29 बजे तक
  • चाँद निकलने का समय: शाम 07:42 बजे

करवा चौथ 2025 का महत्व

हिंदू धर्म में करवा चौथ को पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. यह व्रत न केवल पति की लंबी उम्र के लिए होता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में सुख और शांति लाने के लिए भी किया जाता है. इस साल कुछ खास ज्योतिषीय योग बन रहे हैं, जैसे व्यतीपात योग, कृति‍का नक्षत्र और विश्टि, बाव, बलव करण. इन शुभ समयों में पूजा करने से व्रती को सौभाग्य और शुभ फल मिलते हैं.

व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

  • पूजा के बाद संकल्प लेकर व्रत शुरू करें.
  • व्रत के दौरान किसी से झगड़ा या बहस न करें.
  • किसी के बारे में गलत विचार न लाएँ.
  • गलती से भी काले कपड़े न पहनें.
  • घर और मंदिर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें.

पूजा और दान का महत्व

इस दिन महिलाएँ करवा माता की पूजा करती हैं और व्रत की कथा सुनती हैं. पूजा के बाद, वैवाहिक सुख के लिए इत्र, केसर, सिंदूर और लाल चुनरी का दान करना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इन चीजों का दान करने से जीवन में सुख और सौभाग्य बढ़ता है.

करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक भी है. 10 अक्टूबर 2025 को यह त्योहार विशेष ज्योतिषीय योगों के साथ मनाया जाएगा. पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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