शुरू हुआ ज्येष्ठ माह, इस माह में करें बस एक काम

Jyeshtha Month 2026: ज्येष्ठ माह 2026 में अधिक मास का संयोग है. इस समय जल दान, वामन पूजा और सेवा का विशेष महत्व है, जिससे पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

Jyeshtha Month 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह का शुभारंभ 2 मई से माना जा रहा है और इसका समापन 29 जून को होगा. प्रतिपदा तिथि 1 मई की रात्रि 10:52 बजे से शुरू होकर 3 मई दोपहर 12:49 बजे तक रहेगी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर 2 मई से ही ज्येष्ठ मास की गणना की जाती है. यह हिंदी कैलेंडर का तीसरा महीना होता है, जिसमें सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर होती है और भीषण गर्मी पड़ती है.

अधिक मास का विशेष संयोग

इस वर्ष ज्येष्ठ माह के बीच एक महत्वपूर्ण संयोग बन रहा है, जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है. यह 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा. धार्मिक दृष्टि से यह समय अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसमें किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है.

ज्येष्ठ माह में नौतपा और प्रकृति का स्वरूप

ज्येष्ठ माह में नौतपा भी पड़ता है, जो अत्यधिक गर्मी का प्रतीक है. इस दौरान तापमान काफी बढ़ जाता है और हर जीव-जंतु के लिए जल और छांव की आवश्यकता सबसे अधिक होती है. यही कारण है कि इस माह में दया, सेवा और दान का विशेष महत्व बताया गया है.

पूजा-पाठ और धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ माह का आरंभ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से होता है और समापन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर होता है. इस पूरे महीने में स्नान, दान, पूजा और पाठ करने का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय किए गए अच्छे कार्य व्यक्ति के पापों का नाश करते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है.

सरल उपाय से मिलेगा महान पुण्य

इस माह में भगवान विष्णु के त्रिविक्रम स्वरूप यानी वामन अवतार की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और पापों से मुक्ति मिलती है. हालांकि जो लोग नियमित पूजा-पाठ नहीं कर सकते, उनके लिए एक बहुत सरल और प्रभावी उपाय बताया गया है.

जल दान का महत्व

ज्येष्ठ माह में प्रतिदिन जल का दान करना सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना गया है. आप प्यासे लोगों को पानी पिलाएं या अपने घर के बाहर मिट्टी के मटके में पानी भरकर छांव में रखें, ताकि राहगीर इसका उपयोग कर सकें. इसके अलावा पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करें. ऐसा करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर हो सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >