Jharkhand Dham: गिरिडीह जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल झारखंड धाम में पुरुषोत्तम मास (मलमास) के समापन के साथ ही मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आई है. भगवान शिव को समर्पित इस आस्था केंद्र में एक महीने के विराम के बाद मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह और अन्य धार्मिक संस्कार फिर शुरू हो गए हैं. 21 जून से शुरू होने वाले विवाह सीजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास की धर्मशालाओं में तैयारियां तेज हो गई हैं, जबकि श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय कारोबार में भी नई जान आने लगी है.
मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार के लिए पहुंचे श्रद्धालु
बुधवार को मंदिर परिसर में मुंडन, यज्ञोपवीत, जागरण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ. गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ पहुंचे. शुभ अवसर पर एक दर्जन से अधिक बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया, जबकि मुंडन कराने वालों की भी लंबी कतारें देखने को मिलीं. श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और मनोकामनाओं के अनुसार धार्मिक संस्कार संपन्न कराए.
21 जून से शुरू होगा विवाह सीजन
हिंदू पंचांग के अनुसार 21 जून से 11 जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं. इसे देखते हुए झारखंड धाम में विवाह समारोहों की तैयारियां तेज हो गई हैं. मंदिर परिसर और आसपास स्थित धर्मशालाओं, लॉज और ठहरने के अन्य स्थानों पर अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है. विवाह कराने आने वाले परिवारों के लिए आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जा रही है.
स्थानीय कारोबार को मिलेगा नया संबल
मांगलिक कार्यों की वापसी से केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं बढ़ी हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. पूजा सामग्री विक्रेता, फल-फूल कारोबारी, नाई, कैटरिंग सेवाएं और वाहन संचालकों के व्यवसाय में तेजी आने लगी है. स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि विवाह, मुंडन और जनेऊ संस्कारों के कारण आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ सकती है.
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धाम क्षेत्र में बढ़ेगी आर्थिक चहल-पहल
स्थानीय लोगों के अनुसार आगामी 11 जुलाई तक लगातार शुभ मुहूर्त रहने से झारखंड धाम और उसके आसपास के बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज रहेंगी. बारातियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को भी लाभ मिलेगा. एक महीने के सन्नाटे के बाद अब मंदिर परिसर में फिर से शहनाइयों की गूंज, धार्मिक आयोजनों की रौनक और श्रद्धालुओं की चहल-पहल देखने को मिलेगी.
