Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती के दिन करें प्रभु श्रीराम के इन मंत्रों का जाप, जीवन में आएगी खुशियों की बहार

Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती के दिन प्रभु श्रीराम के मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान श्रीराम के मंत्रों के जाप से माता सीता और प्रभु श्रीराम दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यहां प्रभु श्रीराम के कुछ विशेष मंत्रों के बारे में बताया गया है.

Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती भारत में मनाया जाने वाला एक विशेष पर्व है. हर साल यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन राजा जनक को हल जोतते समय भूमि से माता सीता प्राप्त हुई थीं. इस दिन माता सीता के साथ भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि जानकी जयंती के दिन यदि पूजा के दौरान भगवान श्रीराम के मंत्रों का उच्चारण किया जाए, तो पूजा का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है. इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है. ऐसे में इस दिन प्रभु श्रीराम के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए.

भगवान श्रीराम के मंत्र

1. सुख-समृद्धि के लिए राम मंत्र


“रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे.
रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः॥”


महत्व: इस मंत्र के जाप से घर में क्लेश दूर होते हैं और सुख-शांति का वास होता है.

2. संकटों से मुक्ति के लिए


“आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसंपदाम्.
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥”

महत्व: जीवन में आ रही किसी भी बड़ी बाधा या संकट से मुक्ति पाने के लिए यह मंत्र अत्यंत प्रभावी माना गया है.

3. सर्व कार्य सिद्धि हेतु (राम गायत्री मंत्र)

“ॐ दशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि.
तन्नो रामः प्रचोदयात्॥”

महत्व: किसी विशेष कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का 108 बार जाप करें.

4. दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए

“श्री राम जय राम जय जय राम”

महत्व: यह सरल किंतु प्रभावशाली ‘विजय महामंत्र’ है. जानकी जयंती के दिन सीता-राम के समक्ष इसका जाप करने से वैवाहिक जीवन की कड़वाहट दूर होती है.

जानकी जयंती का महत्व

मान्यता है कि जो विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर माता सीता की पूजा करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है. वहीं, कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलने का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही, प्रभु श्रीराम के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के भीतर धैर्य, त्याग और प्रेम जैसे गुणों का संचार होता है.

यह पढ़ें: Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती कब है? नोट करें तिथि, पूजा विधि और महत्व

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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By Neha kumari

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