जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा रांची का जगन्नाथपुर मंदिर, भक्तों ने खींची रथ

Jagannath Rath Yatra 2026 Ranchi: रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में रथयात्रा महापर्व को लेकर भक्ति और उत्साह चरम पर है. सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है और पूरा परिसर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज रहा है.

Jagannath Rath Yatra 2026: झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार की शाम पांच बजे जगन्नाथपुर मंदिर में भगवान जगन्नाथ के भव्य रथ को श्रद्धालुओं ने खींचा. जगन्नाथ रथयात्रा के मौके पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी. मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं थीं. बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए उत्साहपूर्वक मंदिर पहुंचे. नौ दिन बाद भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा नौ दिन बाद 25 जुलाई को मौसीबाड़ी से वापस आएंगे.

श्री विष्णुसहस्त्रनाम के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा

रथयात्रा शुरू होने से पहले जगन्नाथ मंदिर में श्री विष्णुसहस्त्रनाम जाप के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा की गई. इस दौरान मंदिर परिसर में एकत्रित हजारों श्रद्धालु एक साथ प्रभु का नाम और जयकारे लगाते दिखाई दिए.

महाआरती में गूंजे जयकारे, भक्तिमय हुआ माहौल

गुरुवार की सुबह भगवान के दर्शन और महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरे कृष्णा’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा. भक्तों ने हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. रथयात्रा के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है.

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सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष नजर

रथयात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. पूरे मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है. भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैरीकेडिंग की व्यवस्था भी की गई है.

शाम 5 बजे निकला महाप्रभु का भव्य रथ

रथयात्रा महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण क्षण शाम पांच बजे आया, जब भगवान जगन्नाथ का विशाल रथ मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान कर गया. भक्तों ने पूरे उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की रथ खींची. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रथ की रस्सी को छूना या खींचना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इससे मोक्ष की प्राप्ति और अनेक यज्ञों के बराबर पुण्य फल मिलता है. इसी आस्था के कारण हजारों श्रद्धालु रथ खींचने के लिए उत्सुक हैं.

मौसीबाड़ी और मेले की भव्य तैयारियां

रथयात्रा को लेकर मौसीबाड़ी को विशेष रूप से सजाया गया है, जहां भगवान अगले नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे. मंदिर के आसपास पारंपरिक मेला भी सज चुका है, जिसमें खान-पान, हस्तशिल्प और मनोरंजन की अनेक दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं. आने वाले दिनों में यह मेला रांचीवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहेगा.


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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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