स्वतंत्रता दिवस 2026: ईंट-पत्थर नहीं, आस्था और देशभक्ति का प्रतीक, जानिए भारत माता को समर्पित देश के प्रमुख नमन स्थल

आज 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर जानिए भारत माता को समर्पित प्रमुख मंदिरों और नमन स्थलों की खासियत. काशी, हरिद्वार, माउंट आबू और डूंगरपुर के ये स्थल आस्था, देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा से जुड़े हैं.

Independence Day 2026: भारत में स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को देशभक्ति, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति सम्मान के साथ मनाया जाता है. यह दिन उन वीरों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. भारत में मातृभूमि को केवल एक भूखंड नहीं, बल्कि मां और देवी का दर्जा देने की परंपरा भी रही है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भारत माता को समर्पित मंदिर और नमन स्थल देखने को मिलते हैं.

काशी का भारत माता मंदिर

भगवान शिव की नगरी काशी में स्थित भारत माता मंदिर देश के अनोखे मंदिरों में गिना जाता है. यहां गर्भगृह में मकराना के संगमरमर से भारत माता की प्रतिमा बनाई गई है. मंदिर का उद्घाटन साल 1936 में महात्मा गांधी ने किया था. इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पारंपरिक देवी-देवताओं के बजाय भारत माता की पूजा की जाती है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह स्थान देशभक्ति की भावना से विशेष रूप से जुड़ जाता है.

हरिद्वार का भारत माता मंदिर

पवित्र नगरी हरिद्वार में भी भारत माता को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर है. इसकी स्थापना स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने की थी और साल 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका उद्घाटन किया था. इसे 'मदर इंडिया टेंपल' के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर में भारत की संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र भावना की झलक देखने को मिलती है.

हरिद्वार में 8 मंजिला भारत माता मंदिर

हरिद्वार में भारत माता के दो प्रमुख मंदिर बताए जाते हैं. इनमें एक 8 मंजिला मंदिर है, जिसकी ऊंचाई करीब 180 फीट है. यहां भारत माता की प्रतिमा के साथ हिंदू देवी-देवताओं और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों से जुड़ी झलक भी देखने को मिलती है. स्वतंत्रता दिवस के दौरान यह मंदिर राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करता है.

माउंट आबू में चार शेरों पर सवार भारत माता

राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में नक्की लेक के किनारे भारत माता का एक आकर्षक नमन स्थल है. यहां करीब 12 फीट ऊंची भारत माता की प्रतिमा चार शेरों पर सवार दिखाई देती है. इसका अनावरण 29 अगस्त 2008 को किया गया था. प्रतिमा सड़क मार्ग से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर स्थापित है, जहां से नक्की लेक का सुंदर दृश्य भी दिखाई देता है.

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डूंगरपुर में भी भारत माता नमन स्थल

राजस्थान में भारत माता के नमन स्थलों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डूंगरपुर में भी ऐसा स्थल बनाया गया है. माउंट आबू का भारत माता नमन स्थल राजस्थान में अपनी तरह का पहला स्थल बताया जाता है, जिसकी तर्ज पर बाद में डूंगरपुर में भी भारत माता नमन स्थल विकसित किया गया. यहां स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत माता के ये मंदिर और नमन स्थल हमें देश के प्रति सम्मान, एकता और बलिदान की भावना की याद दिलाते हैं. ये स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ी भावनाओं को भी मजबूत करते हैं.


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लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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