IITian बाबा पहुंचे महाकुंभ, ऐसे बनें इंजीनियर से सन्यासी

IITian Baba at Mahakumbh: प्रयागराज में महाकुंभ में भाग लेने के लिए विभिन्न संत और बाबा यहां उपस्थित हुए हैं. इनमें से एक प्रमुख संत मसानी गोरख बाबा, जिन्हें आईआईटी बाबा के नाम से भी जाना जाता है, शामिल हैं. उनके नाम से ही स्पष्ट है कि उन्होंने आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद साधु जीवन अपनाया है.

IITian Baba at Mahakumbh: गोरख बाबा, जिन्हें आईआईटी बाबा के नाम से भी जाना जाता है, ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई आईआईटी बंबई से एयर स्पेस और एयरोनॉटिकल स्ट्रीम में की है. उनके नाम से ही स्पष्ट होता है कि वे इंजीनियरिंग के बाद बाबा बने. हरियाणा के निवासी, आईआईटी बाबा का असली नाम अभय सिंह है. अभय सिंह की इंजीनियरिंग से सन्यासी बनने की यात्रा अत्यंत दिलचस्प है. उनकी फोटोग्राफी के प्रति गहरी रुचि थी, और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उन्हें डिग्री की आवश्यकता थी. इस कारण उन्होंने एक वर्ष तक कोचिंग में भी पढ़ाई की.

सीएनएन न्यूज18 ने एक आईआईटीयन बाबा का साक्षात्कार लिया, जिन्होंने विज्ञान को अध्यात्म के लिए छोड़ने का निर्णय लिया. यह जानकारी बातचीत के दौरान सामने आई, जब साक्षात्कारकर्ता ने साधु के संवाद करने के तरीके पर टिप्पणी की. साक्षात्कारकर्ता ने कहा, “आप बहुत अच्छे तरीके से बात कर रहें हैं, लग रहा है आप बहुत पढ़े लिखे हैं.” इस पर बाबा ने बताया कि उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.

ज्ञान के पीछे चलते जाना चाहिए

इस खुलासे के बाद साक्षात्कारकर्ता कुछ समय के लिए चुप रह गया. जब वह अपने विचारों में वापस आया, तो उसने बाबा से पूछा कि क्या वह सच में आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का अध्ययन कर चुके हैं. “हां,” बाबा, जिनका नाम बाद में अभय सिंह बताया गया, ने उत्तर दिया. साक्षात्कारकर्ता ने सिंह से पूछा, “आप इस स्थिति में कैसे पहुंचे?” सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह स्थिति तो सबसे उत्तम है, ज्ञान के पीछे चलते जाना चाहिए.”

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हरियाणा के हैं आईआईटीयन बाबा

अभय सिंह ने बताया कि वो हरियाणा के हैं. उन्होंने आईआईटी मुंबई से पढ़ाई की, फोटोग्राफी भी की. बाबा ने कहा उन्होंने थ्री इडियट्स के जैसा इंजिनियरिंग कर अलग क्षेत्र चुना.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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