Hariyali Teej: सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पावन पर्व इस साल 15 अगस्त को मनाया जाएगा. यह त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र, प्रेम और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से इस दिन व्रत रखती हैं. मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. तीज की पूजा के लिए कई तरह की पूजा सामग्री की आवश्यकता होती है. ऐसे में पूजा के समय किसी तरह की परेशानी या सामग्री की कमी न हो, इसके लिए जरूरी सामान की सूची पहले से तैयार कर लें.
हरियाली तीज पूजा सामग्री
- मूर्ति के लिए: साफ मिट्टी या बालू, जिससे भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाई जा सके.
- पूजा चौकी व वस्त्र: लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा और जनेऊ.
- पत्र एवं पुष्प: बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, शमी के पत्ते, दूर्वा घास, केले का पत्ता और ताजे फूल.
- कलश व पूजा सामग्री: तांबे या पीतल का कलश, नारियल, अक्षत, रोली, चंदन, हल्दी और कपूर.
- दीप-धूप: घी, रुई की बत्ती, मिट्टी या पीतल का दीपक, धूपबत्ती और अगरबत्ती.
- भोग: पंचामृत, मिठाई, फल
- माता के लिए सुहाग की सामग्री
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हरियाली तीज पूजा विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव व माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें.
- पूजा स्थल की साफ-सफाई करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं.
- चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें.
- सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
- भगवान शिव को जल अर्पित करें और बेलपत्र, धतूरा व फूल चढ़ाएं. माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें.
- दीपक और धूप जलाकर भगवान को फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें.
- इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.
- अंत में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की आरती करें और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें.
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