गरुड़ पुराण: घर में भूलकर भी न रखें मृतक की ये 3 चीजें, वरना हो सकता है नुकसान

Garud Puran: गरुड़ पुराण में मृत व्यक्ति की कुछ निजी वस्तुओं को घर में रखने से बचने की सलाह दी गई है. माना जाता है कि इन वस्तुओं का उपयोग करने से जीवन में विभिन्न प्रकार की बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि वे कौन-सी वस्तुएं हैं जिन्हें घर में नहीं रखना चाहिए.

Garud Puran: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें जन्म, मृत्यु और मृत्यु के बाद की अवस्थाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है. अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने किसी प्रियजन के निधन के बाद उनकी यादों को संजोने के लिए उनकी इस्तेमाल की हुई वस्तुओं को घर में रख लेते हैं या उनका उपयोग करने लगते हैं. धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक की कुछ वस्तुओं को घर में नहीं रखना चाहिए और न ही उनका उपयोग करना चाहिए. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है तथा पितृ दोष का प्रभाव भी माना जाता है. 

घर में न रखें मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें

शास्त्रों के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसका सांसारिक वस्तुओं के प्रति मोह तुरंत समाप्त नहीं होता. मान्यता है कि यदि परिवार के सदस्य उसकी कुछ निजी वस्तुओं का उपयोग करते हैं, तो आत्मा का पृथ्वी लोक से जुड़ाव बना रह सकता है, जिससे उसकी मोक्ष यात्रा में बाधा उत्पन्न होती है.

1. मृत व्यक्ति के कपड़े

गरुड़ पुराण में मृतक के कपड़ों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई है. माना जाता है कि व्यक्ति का अपने कपड़ों और बिस्तर से गहरा शारीरिक और भावनात्मक संबंध होता है. इसलिए मृतक के कपड़ों का उपयोग करने से उसकी सूक्ष्म ऊर्जा का प्रभाव जीवित व्यक्ति पर पड़ सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे मानसिक तनाव, भय, उदासी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं.

2. हाथ की घड़ी

घड़ी को व्यक्ति के जीवन और उसके समय का प्रतीक माना जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक की घड़ी को स्वयं नहीं पहनना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से उसकी अधूरी इच्छाओं और जीवन की ऊर्जा का प्रभाव आपके कार्यों और निर्णयों पर पड़ सकता है, जिससे जीवन में बाधाएं और परेशानियां बढ़ सकती हैं.

3. जूते-चप्पल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जूते-चप्पल व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा और जीवन के संघर्षों से जुड़े होते हैं. इसलिए मृतक के जूते-चप्पलों को घर में रखने या दोबारा उपयोग करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे भाग्य में रुकावट, मानसिक तनाव और पितृ दोष का प्रभाव बढ़ सकता है. ऐसे जूते-चप्पलों को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है.

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Published by: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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