Ganga Dussehra 2025 पर क्या न दान करें, ये वस्तुएं ला सकती हैं दुर्भाग्य

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा 2025 पर दान का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि उचित वस्तुओं का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. हालांकि, कुछ वस्तुओं का दान दुर्भाग्य और बाधाओं का कारण बन सकता है. इसलिए, दान सामग्री का चयन सावधानीपूर्वक करना आवश्यक है ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.

Ganga Dussehra 2025: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है. यह वो खास दिन होता है जब माँ गंगा की पूजा, स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया पुण्य कई गुना बढ़कर फल देता है. साल 2025 में गंगा दशहरा का त्योहार 5 जून, गुरुवार को मनाया जाएगा.

गंगा दशहरा को लेकर एक विशेष बात और कही जाती है कि इस दिन जो भी चीज दान की जाती है वो ‘दश’ यानी 10 के अंक में होनी चाहिए– जैसे 10 फल, 10 वस्त्र, 10 लोटा जल आदि. इसका मतलब है कि जितना दान करोगे, उसका फल दस गुना ज्यादा मिलेगा. लेकिन यहां एक बात बेहद जरूरी है– अगर दान गलत चीज का हो गया, तो पुण्य की जगह पाप लग सकता है. तो आइए जानते हैं कि गंगा दशहरा जैसे पवित्र दिन पर कौन सी चीजें दान नहीं करनी चाहिए, और कौन सी चीजें दान करना सबसे शुभ माना गया है.

गंगा दशहरा पर इन 3 चीजों का दान करने से बचें

गंदी, टूटी-फूटी या धारदार चीजें

गंगा दशहरा पर कभी भी फटे पुराने कपड़े, टूटा बर्तन, बासी खाना या चाकू-कैंची जैसी धारदार वस्तुएं दान न करें. ऐसी चीजों का दान मां लक्ष्मी को नाराज करता है और राहु जैसे अशुभ ग्रहों का प्रभाव बढ़ता है. यहां तक कि पक्षियों या जानवरों को खाना देने से पहले भी ध्यान रखें कि वह ताजा और शुद्ध हो.

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काले रंग के कपड़े

काले कपड़े नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक माने जाते हैं. इस दिन अगर कोई व्यक्ति काले रंग के कपड़े दान करता है तो उसके रिश्तों में दरार आ सकती है और समाज में मान-सम्मान को भी नुकसान हो सकता है.

चावल और काले दाल जैसे अनाज

इस साल गंगा दशहरा गुरुवार को पड़ रहा है. गुरुवार को चावल और काली दाल का दान वर्जित माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है, जिससे आर्थिक परेशानियां और वैवाहिक जीवन में अड़चनें बढ़ सकती हैं.

गंगा दशहरा पर क्या दान करना चाहिए?

अब जब ये समझ आ गया कि क्या नहीं दान करना चाहिए, तो चलिए जानते हैं कि इस शुभ दिन पर क्या दान करने से सौभाग्य और पुण्य दोनों बढ़ते हैं.

गर्मी से राहत देने वाली चीजें

गर्मी के मौसम में छाता, टोपी, चप्पल या जूते जैसी चीजों का दान बेहद पुण्यदायी माना गया है. ऐसा करने से व्यक्ति को तेज़ धूप और जीवन की मुश्किलों से भी राहत मिलती है.

ठंडी और राहत देने वाली खाद्य वस्तुएं

सत्तू, मौसमी फल, खीरा-ककड़ी, बेल का शरबत, और मटके में ठंडा पानी भरकर दान करना बहुत शुभ होता है. इसे करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

सूती वस्त्र

इस दिन ब्राह्मण को सफेद या हल्के रंग के सूती वस्त्र जैसे गमछा, धोती या कुरता दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है.

दक्षिणा देना न भूलें

दान के साथ-साथ ब्राह्मण या जरूरतमंद को अपनी क्षमता अनुसार दक्षिणा (नकद धनराशि) जरूर दें. यह माना जाता है कि इससे पुराने पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है.

गंगा दशहरा एक ऐसा पावन मौका है जब गंगा मां की कृपा से जीवन के सारे दोष मिट सकते हैं. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि दान सोच-समझकर किया जाए. अगर सही चीजें दान करेंगे तो दस गुना पुण्य मिलेगा, लेकिन अगर गलती से भी गलत चीजें दान कर दीं, तो नुकसान हो सकता है. इसलिए इस गंगा दशहरा पर करें शुद्ध मन से पूजा, स्नान और दान और पाएं मां गंगा का अखंड आशीर्वाद.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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