Friday Remedy: हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से एकाक्षी नारियल की स्थापना करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है.
एकाक्षी नारियल को क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकाक्षी नारियल मां लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यदि इसे पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ घर के पूजा स्थान में स्थापित किया जाए तो घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती. साथ ही परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इसे केवल आस्था और धार्मिक परंपरा के रूप में ही अपनाना चाहिए.
शुक्रवार को ऐसे करें स्थापना
शुक्रवार की सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा की थाली में चंदन या कुंकुम से अष्टदल कमल बनाकर उस पर एकाक्षी नारियल स्थापित करें. दीपक और अगरबत्ती जलाएं तथा शुद्ध जल से नारियल का अभिषेक करें. इसके बाद पुष्प, अक्षत, फल, प्रसाद अर्पित करें और लाल रेशमी वस्त्र ओढ़ाएं. फिर रेशमी वस्त्र बिछाकर उस पर केसर से निर्धारित मंत्र लिखें और उसी पर नारियल स्थापित करें.
मंत्र जाप और पूजा का महत्व
स्थापना के बाद प्रत्येक गुलाब की पंखुड़ी चढ़ाते समय निर्धारित मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा बताई गई है. इसके बाद नारियल को रेशमी वस्त्र में लपेटकर चावल की ढेरी पर रखें और श्रद्धापूर्वक मंत्र की तीन माला जपें. अंत में 21 गुलाब अर्पित कर नारियल को पूजा स्थान में स्थापित करें. धार्मिक मान्यता है कि इस विधि से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में समृद्धि का वास होता है.
