अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में समतलीकरण के दौरान मिली देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां

अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में समतलीकरण के दौरान बड़ी संख्या में प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं. इनमें कलश, एक दर्जन से अधिक मूर्ति युक्त पाषाण खंभे, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, प्राचीन कुआं और मंदिर के चौखट आदि शामिल हैं. बता दें कि 11 मई से रामलला के मूल गर्भगृह के आसपास समतलीकरण का कार्य चल रहा है.

अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में समतलीकरण के दौरान बड़ी संख्या में प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं. इनमें कलश, एक दर्जन से अधिक मूर्ति युक्त पाषाण खंभे, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, प्राचीन कुआं और मंदिर के चौखट आदि शामिल हैं. बता दें कि 11 मई से रामलला के मूल गर्भगृह के आसपास समतलीकरण का कार्य चल रहा है. मंदिर परिसर में जेसीबी से खुदाई की जा रही है. जिसमें मंदिर के प्राचीन अवशेष मिले है. लॉकडाउन का पालन करते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गर्भगृह में समतलीकरण का कार्य करवा रहा है. यहां पर जेसीबी से खुदाई हो रही है.

वहीं, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से राम मंदिर निर्माण में देरी हो रही है. गौरतलब है कि नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया था कि जिस गर्भगृह में रामलला विराजमान थे, वहां विक्रमादित्य युगीन मंदिर था. हालांकि बुधवार को समतलीकरण के दौरान जिस मंदिर के अवशेष मिले हैं, उसके बारे में अभी यह नहीं कहा जा सकता कि यह उसी मंदिर के हैं या बाद में बने किसी और मंदिर के हैं.

लॉकडाउन के कारण कार्य में हो रही देरी

देश में कोरोना संकट के कारण घोषित लॉकडाउन के चलते राममंदिर का निर्माण कार्य में देरी हो रहा है. निर्माण की गति धीमी है. वहीं, अब धीरे-धीरे काम तेजी पकड़ रहा है. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि अयोध्या में मंदिर के निर्माण के लिए भूमि के समतलीकरण कराने का कार्य जारी है. कोरोना महामारी के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करते हुए मशीनों का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क समेत अन्य सभी सुरक्षा उपायों का प्रयोग किया जा रहा है. इस कार्य में तीन जेसीबी, एक क्रेन, दो ट्रैक्टर व दस मजदूर लगे हैं. जेसीबी के जरिए गर्भगृह के चारों तरफ के मलबे को हटाया जा रहा है. इसी प्रकार दर्शन मार्ग पर दर्शनार्थियों के लिए बनाए गए गैंग-वे की बैरीकेडिंग को हटाने का भी काम चल रहा है.

समतलीकरण के दौरान मिले ये पुरावशेष

11 मई से अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में समतलीकरण कार्य हो रहा है. जिसमें विभिन्न प्रकार के पुरातात्विक अवशेष मिल रहे हैं. खुदाई के दौरान अब तक देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर, सात ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ, आठ रेड सैंड स्टोन के स्तंभ, पांच फीट आकार की नक्काशी युक्त शिवलिंग की आकृति आदि पुरातात्विक वस्तुएं मिली हैं. इन पुरातात्विक वस्तुओं को ट्रस्ट द्वारा संरक्षित किए जाने की भी योजना बन रही है. विशेषज्ञों के निरीक्षण के बाद पुरावशेषों के बारे में अंतिम रूप से कोई राय व्यक्त की जा सकेगी.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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