Amavasya 2026 Date: आज 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को फाल्गुन मास की अमावस्या है, जो ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास है. पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि शाम 05 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, जो पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और ज्योतिषीय उपाय करने का सर्वश्रेष्ठ समय है. ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का अद्भुत जमावड़ा है, जबकि मंगल और चंद्रमा इस दिन कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं. ऐसे में देवगुरु बृहस्पति के मिथुन और शनि के मीन राशि में होने से यह दिन पितृ पूजा और ग्रहों की शांति के लिए विशेष फलदायी बन गया है.
फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त
फाल्गुन अमावस्या व्रत 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को है.
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार की शाम 05 बजकर 10 मिनट पर
अमावस्या तिथि समाप्त – 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार की शाम 05 बजकर 23 मिनट पर
अमावस्या व्रत पूजा का शुभ समय – 17 फरवरी की सुबह 9 बजकर 13 मिनट से 01 बजकर 29 मिनट तक
अमावस्या व्रत पारण तिथि – 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को सुबह 06 बजकर 22 मिनट से दोपहर 09 बजकर 13 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या पर नक्षत्र और योग
नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र रात 09 बजकर 20 मिनट तक, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ
योग: परिघ योग रात 12 बजकर 43 मिनट तक, उसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा
फाल्गुन अमावस्या पर शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 04 मिनट से 02 बजकर 48 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या पर अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 02 बजकर 54 मिनट से 04 बजकर 20 मिनट तक
यमगण्ड: सुबह 09 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 39 मिनट तक
गुलिक काल: दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से 01 बजकर 29 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या पर करें उपाय
फाल्गुन अमावस्या के दिन किसी पवित्र तीर्थ स्थल पर स्नान करें.
पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए अमावस्या पर जरूरतमंदों को अन्न, काले तिल, गुड़, घी, वस्त्र दान करें.
पितरों को प्रसन्न करने के लिए घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं.
ग्रहों की शांति के लिए काली गाय या काले कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं.
शनि दोष से राहत पाने के लिए इस दिन शनि देव की साधना करें.
फाल्गुन अमावस्या पर नहीं करें ये काम
फाल्गुन अमावस्या के दिन बाल, नाखून और दाढ़ी काटना वर्जित है.
इस दिन गंदे और पुराने वस्त्रों के त्याग के साथ साफ कपड़े पहनें.
किसी भी व्यक्ति से वाद-विवाद या अपशब्दों का प्रयोग न करें.
फाल्गुन अमावस्या पर तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह वर्जित है.
फाल्गुन अमावस्या तिथि पर किसी दूसरे का दिया हुआ अन्न ग्रहण करने से बचें.
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581
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