Easter 2026: ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और हर्षोल्लास से भरा पर्व ईस्टर इस साल 5 अप्रैल 2026, रविवार को मनाया जाएगा. यह दिन गुड फ्राइडे के तीसरे दिन आता है और प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद में मनाया जाता है. ईस्टर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आशा, विश्वास और नई शुरुआत का प्रतीक भी है. यह हमें सिखाता है कि जीवन में कठिनाइयों के बाद भी उजाला अवश्य आता है.
ईस्टर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
ईस्टर संडे का सीधा संबंध प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवन से है. ईसाई मान्यताओं के अनुसार, क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु पुनः जीवित हुए थे. यह घटना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानवता के लिए आशा और विश्वास का संदेश भी देती है. ईस्टर यह दर्शाता है कि मृत्यु अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है. कई देशों में इस दिन शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया जाता है, जो सामाजिक एकता को मजबूत करता है.
ईस्टर एग्स की परंपरा क्यों है खास?
ईस्टर के अवसर पर अंडों को रंगने और सजाने की परंपरा काफी पुरानी मानी जाती है. इसका इतिहास 13वीं शताब्दी से जुड़ा है, जब ईस्टर वीक के दौरान अंडों को पवित्र मानकर उन्हें रंगा जाता था.
अंडा नए जीवन का प्रतीक माना जाता है. जिस तरह अंडे से जीवन का जन्म होता है, उसी तरह यीशु मसीह के पुनरुत्थान को भी नए जीवन की शुरुआत के रूप में देखा जाता है. यही कारण है कि आज भी ईस्टर एग्स को सजाने और बांटने की परंपरा पूरे विश्व में प्रचलित है.
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ईस्टर कैसे मनाया जाता है?
ईस्टर के दिन चर्चों को भव्य तरीके से सजाया जाता है और सुबह की प्रार्थना सभा, जिसे ‘सनराइज सर्विस’ कहा जाता है, विशेष आकर्षण का केंद्र होती है. लोग नए कपड़े पहनते हैं, परिवार और मित्रों के साथ खुशियां बांटते हैं और विशेष भोज का आयोजन करते हैं. कई देशों में ईस्टर बनी (Easter Bunny) की परंपरा भी लोकप्रिय है, जो बच्चों को रंग-बिरंगे अंडे और उपहार देता है. यह पर्व प्रेम, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है.
