Dhanteras 2025: मां लक्ष्मी को कमल का फूल ही क्यों है अति प्रिय? जानिए इसके पीछे छिपा धार्मिक महत्व

Dhanteras 2025: माता लक्ष्मी की पूजा में कमल के फूल का खास महत्व है. धनतेरस हो या दिवाली, माता को समर्पित हर पूजा में कमल का फूल अर्पित करना बेहद आवश्यक माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं माता को कमल का फूल अर्पित करने के पीछे छिपे धार्मिक महत्व को पौराणिक कथाओं के माध्यम से.

Dhanteras 2025: आज यानी शनिवार को देशभर में धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. इस दिन लोग नई वस्तुएं खरीदते हैं. इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करते हैं. कहा जाता है कि धनतेरस के दिन माता को कमल का फूल अर्पित करना बहुत ही शुभ और फलदायक होता है.

माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने का धार्मिक महत्व क्या है?

शास्त्रों के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था, तब कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन माता लक्ष्मी कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं. इसी कारण उनका नाम कमला या कमलासना पड़ा. चूंकि माता कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं, इसलिए उन्हें कमल का पुष्प अर्पित किया जाता है और यह उनका आसन भी माना जाता है.

माता के प्रिय फूल कमल से जुड़ी एक अन्य पौराणिक कथा यह है कि कमल का पुष्प भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न हुआ था. कथा के अनुसार, भगवान विष्णु की नाभि से एक कमल निकला, जिस पर भगवान ब्रह्मा विराजमान होकर प्रकट हुए थे.

एक और कथा है कि भगवान नारायण के सिर से कमल की उत्पत्ति हुई थी, और चूंकि माता लक्ष्मी भगवान नारायण की पत्नी हैं, इसलिए उन्हें यह फूल अत्यंत प्रिय है.

कमल का फूल क्या संदेश देता है?

कहा जाता है कि जिस प्रकार कमल कीचड़ में खिलता है, फिर भी अपनी पवित्रता और सुंदरता बनाए रखता है, ठीक उसी प्रकार मनुष्यों को भी जीवन की कठिन परिस्थितियों में अपनी पवित्रता, संयम और आत्मबल बनाए रखना चाहिए.

कमल का फूल यह भी संदेश देता है कि जिस प्रकार धन और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी बिना किसी अहंकार के कीचड़ में उगने वाले कमल पर विराजमान होती हैं, उसी तरह मनुष्यों को भी धन, संपत्ति और सफलता प्राप्त होने के बाद बिना घमंड के विनम्रता और संयम के साथ रहना चाहिए.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Author: Neha Kumari

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