Chaitra Purnima 2026: हिंदू धर्म में हर महीने के अंतिम दिन पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. चैत्र पूर्णिमा भी ऐसा ही एक पावन पर्व है, जिसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है और सफलता के मार्ग खुलते हैं.
चैत्र पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे तक रहेगी.
इस दिन पूजा और शुभ कार्यों के लिए विशेष मुहूर्त इस प्रकार हैं:
शुभ समय: सुबह 6:10 से 7:44 तक
चर, लाभ, अमृत योग: सुबह 10:51 से दोपहर 1:59 तक
स्नान-दान का समय: सुबह 4:38 से 5:24 तक
पूजा विधि और सरल उपाय
चैत्र पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें. घी का दीपक जलाकर सत्यनारायण कथा का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है. शाम के समय चंद्रमा को दूध और जल से अर्घ्य दें. एक सरल उपाय के रूप में चांदी के पात्र में जल भरकर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखें और बाद में ग्रहण करें, इससे मानसिक तनाव कम होने की मान्यता है.
लक्ष्मी नारायण की पूजा से मिलेगा लाभ
इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि के संकेत मिलते हैं. जो लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, वे पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं. गुरु का प्रभाव जहां ज्ञान और समृद्धि देता है, वहीं चंद्रमा मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है. इसलिए इस दिन की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है.
