Chaitra Purnima 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने एक पूर्णिमा तिथि आती है. चैत्र महीने में आने वाली पूर्णिमा तिथि को चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्रमा और संकटमोचन हनुमान जी की पूजा का विधान है. स्कंद पुराण और भविष्य पुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान हनुमान ने माता अंजनी के पुत्र के रूप में जन्म लिया था, इसलिए इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन किए गए दान से अक्षय पुण्य (कभी न खत्म होने वाला) की प्राप्ति होती है. साथ ही कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है.
अन्न दान
पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और अनाज का दान करना सर्वोत्तम माना जाता है. हिंदू धर्म में अन्नदान को महादान और श्रेष्ठ दान कहा गया है. मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
सफेद वस्तुओं का दान
चैत्र पूर्णिमा चंद्रमा को समर्पित दिन है. इसलिए चंद्रमा को प्रसन्न करने और मानसिक शांति के लिए सफेद रंग की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है. आप इस दिन चावल, दूध, चीनी, मिश्री और सफेद वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं.
जल सेवा
चैत्र मास से गर्मी की शुरुआत हो जाती है. इस समय प्यासे लोगों को पानी पिलाना पुण्यकारी माना जाता है. आप इस दिन घड़े या मिट्टी के पात्रों का दान भी कर सकते हैं.
वस्त्र और धन दान
जरूरतमंदों को नए या साफ वस्त्र दान करें. गुरुवार का दिन होने के कारण पीले वस्त्रों का दान भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है. इसके अलावा, अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा या धन का दान भी फलदायी रहता है.
फल और मिठाई का दान
इस दिन मौसमी फल जैसे तरबूज, संतरा आदि का दान करें. इसके साथ ही माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दूध से बनी खीर या सफेद मिठाइयों का वितरण करना भी शुभ माना जाता है.
पूर्णिमा तिथि और समय
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे
- पूर्णिमा व्रत (चंद्रोदय पूजा): 1 अप्रैल 2026 (बुधवार)
- स्नान-दान की तिथि: 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
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