कब शुरू होगा ब्रज की होली का जश्न, फूलों और लाठियों का उत्सव इस दिन से

Braj Ki Holi 2025: ब्रज की होली का उत्सव सम्पूर्ण विश्व में प्रतीक्षित रहता है और इसकी शुरुआत बसंत पंचमी से होती है. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाएगा और उसके अगले दिन, अर्थात् प्रतिपदा तिथि को रंगों की होली खेली जाती है. आइए जानते हैं कि ब्रज में होली का पर्व कब से आरंभ होगा.

Braj Ki Holi 2025: रंगों का पर्व होली पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. भारत के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में होली के अद्वितीय रंग देखने को मिलते हैं. इस पर्व में ब्रज की होली विशेष रूप से आकर्षक और महत्वपूर्ण मानी जाती है. बृज की विश्व प्रसिद्ध होली का आनंद लेने के लिए न केवल देश के लोग, बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं. यदि आप भी उन लोगों में से एक हैं जो इस वर्ष ब्रज में होली मनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है. यहां हम आपको वर्ष 2025 में ब्रज की होली का संपूर्ण कार्यक्रम बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं कान्हा की नगरी में होली का उत्सव कब और कहां प्रारंभ होगा.

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ब्रज में कब, कहां, कौन सी होली खेली जाएगी?

3 फरवरी 2025बसंत पंचमी पर होली ध्वजारोहण
7 मार्च 2025नंदगांव व बरसाना में फाग आमंत्रण और लड्डू होली
8 मार्च 2025बरसाना में रंगीली गली में लट्ठमार होली
9 मार्च 2025नंदगांव में लट्ठमार होली
10 मार्च 2025बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली
10 मार्च 2025 कृष्ण जन्मभूमि पर हुरंगा उत्सव
11 मार्च 2025गोकुल के रमणरेती और द्वारकाधीश मंदिर में होली
12 मार्च 2025वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में होली उत्सव
13 मार्च 2025पूरे ब्रज में होलिका दहन
14 मार्च 2025रंगों वाली होली (धुलेंडी)

होली के बाद ब्रज में यहां होगा रंगोत्सव

  • 15 मार्च को बलदेव के दाऊजी मंदिर में हुरंगा खेला जाएगा
  • 16 मार्च को नंदगांव में हुरंगा खेला जाएगा
  • 17 मार्च को जाव गांव में पारंपरिक हुरंगा खेला जाएगा
  • 18 मार्च को मुखरई में चरकुला नृत्य का आयोजन किया जाएगा
  • 22 मार्च को वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में होली का उत्सव मनाया जाएगा और इसी के साथ 40 दिन तक चलने वाला होली महोत्सव का समापन हो जाएगा

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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